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कोयला संकट का हल निकाल लिया
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sun, 02 Oct 2016 11:32 PM IST
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बैठक
राज्य उत्पादन निगम के एमडी एपी मिश्रा ने रविवार को अनपरा में कोयला संकट और लुढ़के उत्पादन को लेकर परियोजना और भेल अधिकारियों के साथ बैठक की। निदेशक परियोजना आरके त्रिवेदी, निदेशक तकनीकी विद्यासागर तिवारी, अनपरा सीजीएम त्रिभुवन तिवारी के साथ अनपरा ए, बी, डी का निरीक्षण किया और 24 घंटे के भीतर परियोजना के उत्पादन में 850 मेगावाट की वृद्धि का लक्ष्य तय करते हुए दिशा निर्देश दिए।
पत्रकारों से हुई वार्ता में बताया कि कोल इंडिया के साथ मिलकर कोयला संकट का हल करीब-करीब निकाल लिया गया है। एनसीएल रेलवे रैक से 17 हजार एमटी (मिट्रिक टन) के साथ ही कृष्णशिला और बीना से ककरी वारफाल तक सड़क मार्ग से आठ हजार एमटी कोयला देगा।
वहीं कोल इंडिया की बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल कंपनियों से रोजाना चार रैक (लगभग 15 हजार एमटी) कोयला उपलब्ध होगा। फिलहाल यह व्यवस्था एक महीने के लिए बनी रहेगी। तब तक काफी कुछ स्टाक जमा हो जाएगा। कहा किह एक-दो दिन में ही कोयले की उपलब्धता में असर दिखने लगेगा। रविवार से कोयला बढ़कर आने भी लगा है।
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इसको देखते हुए अनपरा की 210 मेगावाट वाली पहली इकाई उत्पादन पर ले ली गई है। इसी क्षमता की पहली और पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई को भी उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है।
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पत्रकारों से हुई वार्ता में बताया कि कोल इंडिया के साथ मिलकर कोयला संकट का हल करीब-करीब निकाल लिया गया है। एनसीएल रेलवे रैक से 17 हजार एमटी (मिट्रिक टन) के साथ ही कृष्णशिला और बीना से ककरी वारफाल तक सड़क मार्ग से आठ हजार एमटी कोयला देगा।
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वहीं कोल इंडिया की बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल कंपनियों से रोजाना चार रैक (लगभग 15 हजार एमटी) कोयला उपलब्ध होगा। फिलहाल यह व्यवस्था एक महीने के लिए बनी रहेगी। तब तक काफी कुछ स्टाक जमा हो जाएगा। कहा किह एक-दो दिन में ही कोयले की उपलब्धता में असर दिखने लगेगा। रविवार से कोयला बढ़कर आने भी लगा है।
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इसको देखते हुए अनपरा की 210 मेगावाट वाली पहली इकाई उत्पादन पर ले ली गई है। इसी क्षमता की पहली और पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई को भी उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है।