फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Clean Tech Innovation Challenge will solve the problem of mining sector

क्लीन टेक इनोवेशन चैलेंज से खनन क्षेत्र की समस्या का होगा समाधान

Mon, 04 Apr 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Clean Tech Innovation Challenge will solve the problem of mining sector
शक्तिनगर। अग्रणी कोयला उत्पादक कंपनी एनसीएल ने आईआईटी (बीएचयू) के सहयोग से कोयला क्षेत्र में देश के पहले क्लीन टेक इनोवेशन चैलेंज की शुरूआत की है। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक (तकनीकी) कोल इंडिया लिमिटेड बी. वीरा रेड्डी ने सीएमडी एनसीएल भोला सिंह, निदेशक आरएन दुबे और आईआईटी (बीएचयू) से प्रो. रजनीश त्यागी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सोमवार को किया।
विज्ञापन

क्लीन टेक इनोवेशन चैलेंज 2022 देश भर के छात्रों, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और संस्थानों को खनन उद्योग की विभिन्न समस्याओं के लिए नवाचारी उत्पाद व समाधान देने के लिए मंच प्रदान करने की पहली राष्ट्रव्यापी पहल है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचारों में तेजी लाने और खनन संबंधी समस्याओं की दीर्घकालीन समाधान खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। क्लीन टेक इनोवेशन चैलेंज (सीटीआईसी) में कोल इंडिया व इसकी अनुषंगी कंपनियां, आईआईटी बीएचयू के अलावा आईआईटी मंडी, नैसकॉम बेंगलुरु, डेब्री फाउंडेशन बेंगलुरु, एआईसी बीएएमयू फाउंडेशन औरंगाबाद, टाइड्स बिजनेस इनक्यूबेटर आईआईटी रुड़की, आईएसएम धनबाद, आईआईआईटी इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर दिल्ली, एफआईआईआरई गोवा, आईआईएससी बेंगलुरु, देशपांडे स्टार्टअप हुबली कर्नाटक, एपिक फाउंडेशन, राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (एनएएआरएम), उत्तर पूर्व कृषि प्रौद्योगिकी उद्यमी हब असम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भाग ले रहे हैं।
विज्ञापन

खदानों में रुकेगी मशीनों की टक्कर
शक्तिनगर। वर्चुअल चैलेंज के माध्यम से जिन नवाचारी उत्पादों व समाधानों को प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है उसमें खदान में भारी मशीनों की टक्कर को रोकने के लिए स्वचालित प्रणाली, खुली खदान में कुशल यातायात प्रणाली, मशीनों के रखरखाव पर निगरानी से संबंधित प्रणाली को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षित संचालन प्रक्रिया, ड्रैग लाइन एप्लीकेशन, खदानों में गर्मियों के दौरान पानी के समुचित उपयोग, अधिभार के सही उपयोग, ड्रैगलाइन व अन्य खनन संबंधी बुनियादी ढांचे की संरचना के निरीक्षण के लिए केज ड्रोन/ड्रोन बॉल का विकास, सीएचपी के लिए इंटेलिजेंट फायर/हीट डिटेक्शन एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, खदान सुरक्षा के लिए ड्रोन, सीड बॉल मशीन, स्मार्ट संप प्रबंधन प्रणाली, एकीकृत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, समग्र कौशल विकास मॉडल, कृषि-अपशिष्ट, फ्लाई ऐश और अधिभार आधारित उत्पाद विकसित करने की ओर से अग्रसर होंगे। क्लीन टेक इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से छात्रों की रचनात्मकता व अनुसंधान की क्षमता बढ़ेगी, संस्थानों में बेहतर, नवाचारी व किफ़ायती उत्पादों व समाधानों को बनाने की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed