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Sonebhadra News: पांच कमरों में चल रहीं एक से आठ तक की कक्षाएं, 256 बच्चों का नामांकन
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जिले के आदिवासी बहुल ब्लाॅक बभनी अंतर्गत बरवाटोला पंचायत में संचालित कंपोजिट विद्यालय में कमरों की कमी है। मात्र तीन कमरे और दो अतिरिक्त भवन हैं। इसमें एक से आठ तक की कक्षा संचालित हो रही। 256 बच्चों का नामांकन है।
बच्चों को अलग-अलग बैठने की व्यवस्था न होने के कारण एक साथ दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। कमरों की कमी होने से विद्यालय में आईसीटी लैब का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
इससे कम्प्यूटर की शिक्षा प्रभावित हो रही है। विद्यालय का कार्यालय भी न्याय पंचायत के कमरे में संचालित हो रहा। विद्यालय में 256 बच्चों का नामांकन है।
इसमें कक्षा एक से पांच तक 132 और कक्षा छह से आठ तक 124 बच्चे हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए 4 अध्यापक, दो अनुदेशक, एक शिक्षा मित्र विद्यालय में तैनात हैं।
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजाराम सहित ग्रामीण सुखी, बालगोविंद, बघोलन, श्याम बिहारी यादव, धनेश्वरी, सुनीता, लीलावती आदि ने विद्यालय में अतिरिक्त भवन निर्माण की मांग की है।
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प्रधानाध्यापक केके सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय का मुख्य भवन जर्जर होने के बाद उसको ध्वस्त कर दिया गया। कमरों की कमी है।
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बच्चों को अलग-अलग बैठने की व्यवस्था न होने के कारण एक साथ दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। कमरों की कमी होने से विद्यालय में आईसीटी लैब का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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इससे कम्प्यूटर की शिक्षा प्रभावित हो रही है। विद्यालय का कार्यालय भी न्याय पंचायत के कमरे में संचालित हो रहा। विद्यालय में 256 बच्चों का नामांकन है।
इसमें कक्षा एक से पांच तक 132 और कक्षा छह से आठ तक 124 बच्चे हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए 4 अध्यापक, दो अनुदेशक, एक शिक्षा मित्र विद्यालय में तैनात हैं।
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजाराम सहित ग्रामीण सुखी, बालगोविंद, बघोलन, श्याम बिहारी यादव, धनेश्वरी, सुनीता, लीलावती आदि ने विद्यालय में अतिरिक्त भवन निर्माण की मांग की है।
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प्रधानाध्यापक केके सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय का मुख्य भवन जर्जर होने के बाद उसको ध्वस्त कर दिया गया। कमरों की कमी है।