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Sonebhadra News: दुद्धी के तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत नौ पर धोखाधड़ी का केस
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विंढमगंज (सोनभद्र)। दुद्धी के तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल समेत नौ लोगों के खिलाफ विंढमगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। उन पर कागजों में मृत व्यक्ति को जिंदा बताकर जमीन पर कब्जा दिलाने और उसकी पत्नी के नाम पट्टा आवंटन का आरोप है। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करते हुए पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
मामला कनहर नदी के किनारे बसे करहिया गांव का है। पुलिस को दी गई तहरीर में प्रेमचंद यादव ने बताया कि गांव निवासी देवनारायण की मौत 23 दिसंबर 2014 को जहर खाने से हुई थी। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया था। मृतक के भाई रामकुमार, रामस्वरूप, राजेंद्र प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, सत्येंद्र प्रसाद ने तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार पूर्वी, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल प्रफुल्ल कुमार दुबे के साथ मिलकर मृतक के नाम पर 600 वर्ग मीटर एरिया वाली ग्राम समाज की जमीन हथियाने के लिए दस्तावेज में कूटरचना की। वर्ष 2015 में मृतक देवनारायण को जिंदा दिखाते हुए राजस्व कर्मियों ने दो गवाहों के सामने संबंधित जमीन पर कब्जा दिला दिया। उसकी एक फर्जी और काल्पनिक पत्नी शर्मिला देवी का नाम डालकर ग्राम समाज की जमीन पर पट्टा आवंटित कर दिया गया।
बगल के काश्तकार होने के नाते जब प्रेमचंद को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो उन्होंने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। मामले में कोर्ट ने विंढमगंज थानाध्यक्ष को केस दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक श्याम बिहारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन लेखपाल प्रफुल्ल कुमार दुबे, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार पूर्वी, तहसीलदार दुद्धी के अलावा रामकुमार, रामस्वरूप, राजेंद्र, महेंद्र, सत्येंद्र पुत्रगण शिवप्रसाद निवासी करहिया व अन्य के विरुद्ध जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज बनाने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना एसआई अफरोज आलम को सौंपी गई है।
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मामला कनहर नदी के किनारे बसे करहिया गांव का है। पुलिस को दी गई तहरीर में प्रेमचंद यादव ने बताया कि गांव निवासी देवनारायण की मौत 23 दिसंबर 2014 को जहर खाने से हुई थी। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया था। मृतक के भाई रामकुमार, रामस्वरूप, राजेंद्र प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, सत्येंद्र प्रसाद ने तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार पूर्वी, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल प्रफुल्ल कुमार दुबे के साथ मिलकर मृतक के नाम पर 600 वर्ग मीटर एरिया वाली ग्राम समाज की जमीन हथियाने के लिए दस्तावेज में कूटरचना की। वर्ष 2015 में मृतक देवनारायण को जिंदा दिखाते हुए राजस्व कर्मियों ने दो गवाहों के सामने संबंधित जमीन पर कब्जा दिला दिया। उसकी एक फर्जी और काल्पनिक पत्नी शर्मिला देवी का नाम डालकर ग्राम समाज की जमीन पर पट्टा आवंटित कर दिया गया।
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बगल के काश्तकार होने के नाते जब प्रेमचंद को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो उन्होंने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। मामले में कोर्ट ने विंढमगंज थानाध्यक्ष को केस दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक श्याम बिहारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन लेखपाल प्रफुल्ल कुमार दुबे, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार पूर्वी, तहसीलदार दुद्धी के अलावा रामकुमार, रामस्वरूप, राजेंद्र, महेंद्र, सत्येंद्र पुत्रगण शिवप्रसाद निवासी करहिया व अन्य के विरुद्ध जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज बनाने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना एसआई अफरोज आलम को सौंपी गई है।
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