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नहरों मंे बेड़ा लगाने पर दर्ज किया जाएगा केस
sonbhadra
Updated Tue, 20 Dec 2016 10:49 PM IST
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नहरों से सिंचाई करना मुश्किल
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शाहगंज रजवाहों सहित अन्य रजवाहों में कुछ लोग बेड़ा लगाकर टेल तक पानी पहुंचने में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। इससे सभी किसानों के खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। डीएम ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को बेड़ा लगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया हैै।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में करीब एक लाख 90 हजार हेक्टेयर में रबी और खरीफ की खेती होती है। इसमें से करीब 50 हजार हेक्टेयर भूमि असिंचित है। राबर्ट्र्सगंज और घोरावल तहसील क्षेत्रों में सर्वाधिक धान और गेहूं की खेती होती है। इन क्षेत्रों की सिंचाई रजवाहों के जरिए की जाती है। लेकिन शाहगंज, रजवाहा, घाघर मुख्य नहर, कूड़ा रजवाहा, रामगढ़ रजवाहा से निकलने वाली माइनरों के टेल तक पानी कभी कभार ही पहुंचता है। क्योंकि बीच में ही मनबढ़ किस्म के कुछ किसान बेड़ा लगा कर पानी रोक लेते है। वहीं कई साइफन क्षतिग्रस्त होने से पानी नहीं पहुंचता है।
जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। डीएम सीबी सिंह ने कहा कि पूर्व में कई गांवों के किसान रजवाहों, माइनरों में बेड़ा लगाकर पानी अवरूद्व करने की शिकायत कर चुके है। कहा कि सिंचाई विभाग के एक्सईएन को रजवाहों का भ्रमण कर बेड़ा लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और क्षतिग्रस्त साइफन की नियमानुसार मरम्मत कराने के लिए निर्देश दिया गया है। टेल तक पानी पहुंचाने में व्यवधान उत्पन्न करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में करीब एक लाख 90 हजार हेक्टेयर में रबी और खरीफ की खेती होती है। इसमें से करीब 50 हजार हेक्टेयर भूमि असिंचित है। राबर्ट्र्सगंज और घोरावल तहसील क्षेत्रों में सर्वाधिक धान और गेहूं की खेती होती है। इन क्षेत्रों की सिंचाई रजवाहों के जरिए की जाती है। लेकिन शाहगंज, रजवाहा, घाघर मुख्य नहर, कूड़ा रजवाहा, रामगढ़ रजवाहा से निकलने वाली माइनरों के टेल तक पानी कभी कभार ही पहुंचता है। क्योंकि बीच में ही मनबढ़ किस्म के कुछ किसान बेड़ा लगा कर पानी रोक लेते है। वहीं कई साइफन क्षतिग्रस्त होने से पानी नहीं पहुंचता है।
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जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। डीएम सीबी सिंह ने कहा कि पूर्व में कई गांवों के किसान रजवाहों, माइनरों में बेड़ा लगाकर पानी अवरूद्व करने की शिकायत कर चुके है। कहा कि सिंचाई विभाग के एक्सईएन को रजवाहों का भ्रमण कर बेड़ा लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और क्षतिग्रस्त साइफन की नियमानुसार मरम्मत कराने के लिए निर्देश दिया गया है। टेल तक पानी पहुंचाने में व्यवधान उत्पन्न करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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