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संगीनों के साए में हुई इंजीनियरिंग कालेज में बोरिंग
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Fri, 06 May 2016 10:54 PM IST
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पानी
- फोटो : getty
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राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में एक नवनिर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज को पानी उपलब्ध कराने के लिए इलाके के रौप गांव में गुरुवार की रात फोर्स की मौजूदगी में बोरिंग कराई गई। ग्रामीणों ने कई घंटे बोरिंग का कार्य रोके रखा। जानकारी होने पर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम और सीओ ने ग्रामीणों को समझा- बुझाकर शांत कराया। तब जाकर बोरिंग का कार्य शुरू हुआ।
बता दें कि पिछले माह लखनऊ से भूजल गर्भ विभाग की टीम ने नव निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज परिसर में बोरिंग कराने के लिए स्थानों का शोध किया, लेकिन पानी नहीं मिला। टीम को कालेज से करीब दो किमी दूरी पर पानी मिला। यहां से पाइप लाइन के जरिये कालेज को पेयजल आपूर्ति करने का निर्णय लिया गया। गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे भूजल गर्भ विभाग की टीम द्वारा चयनित स्थान पर बोरिंग करने के लिए मशीन पहुंची। लेकिन ग्रामीणों ने बोरिंग का काम बंद करा दिया। कालेज का निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार ने ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया तो वे आग बबूला हो गए।
ग्रामीणों का कहना था कि कालेज को पानी आपूर्ति होने से जल स्तर से नीचे खिसक जाएगा और ग्रामीणों को पानी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बोरिंग का काम बंद होने की सूचना मिलने पर शाम करीब सात बजे फोर्स के साथ सदर एसडीएम कैलाश सिंह और सीओ सच्च्दिानंद ने मौके पर पहुंचे और नाराज ग्रामीणों से बातचीत की। करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि कालेज के लिए होने वाली बोरिंग से गांव में भी पेयजल की आपूर्ति की जाएगी, तब जाकर ग्रामीण बोरिंग करने देने के लिए राजी हुए। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पानी नहीं मिला तो कालेज को भी पानी की आपूर्ति नहीं होने दी जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। देर रात तक मयफोर्स राबर्ट्सगंज कोतवाल अबरार अहमद बोरिंग स्थल पर डटे रहे। एसडीएम कैलाश सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की रजामंदी पर बोरिंग कराई गई।
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बता दें कि पिछले माह लखनऊ से भूजल गर्भ विभाग की टीम ने नव निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज परिसर में बोरिंग कराने के लिए स्थानों का शोध किया, लेकिन पानी नहीं मिला। टीम को कालेज से करीब दो किमी दूरी पर पानी मिला। यहां से पाइप लाइन के जरिये कालेज को पेयजल आपूर्ति करने का निर्णय लिया गया। गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे भूजल गर्भ विभाग की टीम द्वारा चयनित स्थान पर बोरिंग करने के लिए मशीन पहुंची। लेकिन ग्रामीणों ने बोरिंग का काम बंद करा दिया। कालेज का निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार ने ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया तो वे आग बबूला हो गए।
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ग्रामीणों का कहना था कि कालेज को पानी आपूर्ति होने से जल स्तर से नीचे खिसक जाएगा और ग्रामीणों को पानी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बोरिंग का काम बंद होने की सूचना मिलने पर शाम करीब सात बजे फोर्स के साथ सदर एसडीएम कैलाश सिंह और सीओ सच्च्दिानंद ने मौके पर पहुंचे और नाराज ग्रामीणों से बातचीत की। करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि कालेज के लिए होने वाली बोरिंग से गांव में भी पेयजल की आपूर्ति की जाएगी, तब जाकर ग्रामीण बोरिंग करने देने के लिए राजी हुए। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पानी नहीं मिला तो कालेज को भी पानी की आपूर्ति नहीं होने दी जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। देर रात तक मयफोर्स राबर्ट्सगंज कोतवाल अबरार अहमद बोरिंग स्थल पर डटे रहे। एसडीएम कैलाश सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की रजामंदी पर बोरिंग कराई गई।
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