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Sonebhadra News: कोयला लदे ट्रक में भिड़ी बोलेरो, दंपती की मौत, दो बेटे गंभीर

Mon, 10 Mar 2025 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Mar 2025 10:54 PM IST
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Bolero collided with a coal laden truck, couple died, two sons seriously injured
विंढमगंज। रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर विंढमगंज थाना क्षेत्र के कोलिनडूबा गांव के पास रविवार की रात भीषण सड़क हादसे में दंपती की मौत हो गई। हादसे में उनके दो बेटे भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पूरा परिवार हरनाकछार में चल रहे महायज्ञ में शामिल होकर घर लौट रहा था। उनकी बोलेरो कोयला लदे ट्रक से टकरा गई। हादसे में बोलेरो के परखचे उड़ गए। गैस कटर की मदद से दंपती के शव बाहर निकाले गए।
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रॉबर्ट्सगंज कोतवाली अंतर्गत चुर्क के सहिजन गांव निवासी नागेश्वर गुप्ता (48) रॉबर्ट्सगंज में एक आयुर्वेदिक दवा की दुकान पर दवा सप्लाई करते थे। उनकी पत्नी मुन्नी देवी (42) अपने दो बेटों चंदन (14) और आकाश (8) को लेकर तीन दिन पहले अपने मायके हरनाकछार में चल रहे विष्णु महायज्ञ में शामिल होने गई थीं। रविवार की शाम नागेश्वर बोलेरो लेकर परिवार को लाने हरनाकछार पहुंचे। यज्ञ में देवी जागरण के बाद देर रात पूरा परिवार बोलेरो से रॉबर्ट्सगंज के लिए निकला। हाईवे पर कोलिनडूबा गांव के पास कोयला लदे ट्रक से आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में बोलेरो के परखचे उड़ गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बोलेरो की पीछे की सीट पर बैठे दोनों बच्चों को बाहर निकालकर दुद्धी सीएचसी पहुंचाया। वहीं चालक नागेश्वर और बगल की सीट पर बैठी पत्नी मंजू की मौत हो गई थी। पुलिस ने कटर की मदद से दोनों के शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इनसेट
बेटे की परीक्षा दिलाने के लिए रात में ही निकला था परिवार
- रतिया में कहली कि सुबह जइहा, काहे न मनलन हो भगवान...
विंढमगंज। हादसे की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। बेटी और दामाद का शव देख बसंती देवी का रो-रोकर हाल बेहाल था। वह रोते हुए बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। कुछ देर बाद होश में आने पर यही कहती रहीं कि अब केकरा हम बेटी कहब हो ये मैया, रतिया में दामाद से कहली कि बेसे रात हो गई सुबह जाइब परंतु नाहीं मनलन हो भगवान, अब केकरा सहारे हमार तीनों नाती रहिएं हो भगवान। सहिजन निवासी नागेश्वर चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उन्हें भी तीन बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा सूरज हाईस्कूल में है। वह घर पर ही था। मंजू देवी के भाई जितेंद्र ने बताया कि सूरज की हाईस्कूल की परीक्षा चल रही है। परीक्षा का ही हवाला देते हुए जीजा नागेश्वर ने रात में ही घर पहुंचने की जिद की। वह घर से कुछ ही दूर गए थे कि यह हादसा हो गया।
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