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सार्टेक्स मशीन की अनिवार्यता पर बिफरे राइस मिलर
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कलेक्ट्रेट में विभिन्न मांग को लेकर प्रदर्शन करते सोनभद्र राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाध?
- फोटो : SONBHADRA
विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सोनभद्र राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह की अध्यक्षता में मिलरों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने छह सूत्री ज्ञापन आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग के नाम डीएम के प्रतिनिधि को सौंपा।
जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि जनपद में 62 पंजीकृत राइस मिले हैं। इनके सापेक्ष मात्र 17 राइस मिलों पर सार्टेक्स मशीन स्थापित है। नई क्रय नीति को लेकर जारी शासनादेश में कस्टम मिलिंग चावल के लिए राइस मिलों में सार्टेक्स मशीन की अनिवार्यता कर दी गई है। इस कारण जिले की अधिकांश मिलें कस्टम मिलिंग से वंचित रह जाएंगी।
वर्ष 2021-22 में सरकार ने विपणन वर्ष 2022-23 से फोर्टीफाइड चावल संप्रदान करने की अनिवार्यता कर दी गई है। ऐसी स्थिति में जनपद की सभी राइस मिलों में ब्लेंडर मशीन स्थापित कर दिया गया है। अब नई व्यवस्था से मिलरों के समक्ष चुनौती बढ़ गई है। सार्टेक्स मशीन लगभग 35 से 40 लाख रुपये की है। मशीन स्थापित कराने में 2 से 3 माह का समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में मिलर सार्टेक्स मशीन स्थापित करने में असमर्थ हैं।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष खरीफ वर्ष 2021-22 का सीएमआर के मद का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है, जिससे मिलर आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। प्रदर्शन में सालिक राम, प्रमोद गुप्ता, राजेश गुप्ता, अमरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, पोषक चंद्र, संतोष कुमार, राकेश कुमार, कमलेश सिंह, राजू जायसवाल आदि शामिल रहे।
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जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि जनपद में 62 पंजीकृत राइस मिले हैं। इनके सापेक्ष मात्र 17 राइस मिलों पर सार्टेक्स मशीन स्थापित है। नई क्रय नीति को लेकर जारी शासनादेश में कस्टम मिलिंग चावल के लिए राइस मिलों में सार्टेक्स मशीन की अनिवार्यता कर दी गई है। इस कारण जिले की अधिकांश मिलें कस्टम मिलिंग से वंचित रह जाएंगी।
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वर्ष 2021-22 में सरकार ने विपणन वर्ष 2022-23 से फोर्टीफाइड चावल संप्रदान करने की अनिवार्यता कर दी गई है। ऐसी स्थिति में जनपद की सभी राइस मिलों में ब्लेंडर मशीन स्थापित कर दिया गया है। अब नई व्यवस्था से मिलरों के समक्ष चुनौती बढ़ गई है। सार्टेक्स मशीन लगभग 35 से 40 लाख रुपये की है। मशीन स्थापित कराने में 2 से 3 माह का समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में मिलर सार्टेक्स मशीन स्थापित करने में असमर्थ हैं।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष खरीफ वर्ष 2021-22 का सीएमआर के मद का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है, जिससे मिलर आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। प्रदर्शन में सालिक राम, प्रमोद गुप्ता, राजेश गुप्ता, अमरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, पोषक चंद्र, संतोष कुमार, राकेश कुमार, कमलेश सिंह, राजू जायसवाल आदि शामिल रहे।