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पक्के वाटर होल में भरा जा रहा पानी
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Wed, 18 May 2016 12:24 AM IST
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पक्के वाटर होल में भरा जा रहा पानी
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कैमूर वन्य जीव बिहार स्थित राबर्ट्सगंज वन रेंज के महुअरिया जंगल में नालों का पानी पूरी तरह सूख गया है। जंगली जानवरों के पीने के पानी के संकट को देखते हुए वन विभाग की ओर से फौरी तौर पर पक्के वाटर होल तैयार कराए गए हैं, जिसमें टैंकर के जरिए पानी भरा जा रहा है। ताकि जंगली जानवर भटक कर समीपवर्ती गांवों में न पहुंचे। कैमूर वन्य जीव विहार के महुअरिया का जंगल पर्यटन की दृष्टिकोण से काफी अहम माना जाता है। इस जंगल में काले हिरन, चीतल, चिंकारा, साम्भर, भालू, नीलगाय, बंदर के अलावा अन्य जंगली जीव-जंतु और पशु-पक्षी काफी संख्या में रहते हैं। गर्मी के दिनों में जंगली जानवर पानी की तलाश में इलाके के राजपुर, बराक, रघुनाथपुर, जुड़ौली आदि गावों में भी पहुंच जा रहे हैं। इससे जंगल के समीपवर्ती गांवों के लोगों में भय व्याप्त है।
वन दरोगा सिद्धिनाथ पांडेय ने बताया कि डीएम सीबी सिंह के निर्देश पर वन विभाग की ओर से महुअरिया के ब्लैक बक घाटी, इको वैली, लखनिया समेत आठ जगहों पर पक्के वाटर होल बनवाए गए हैं। ताकि कोई भी जानवर जंगल से बाहर सीमावर्ती गांवों में पानी के लिए ना भटकें। जंगली जानवरों को पीने के लिए पानी टैंकर से दस किमी दूर जुड़ौली गांव से पानी लाकर वाटर होल भरे जा रहे हैं।
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वन दरोगा सिद्धिनाथ पांडेय ने बताया कि डीएम सीबी सिंह के निर्देश पर वन विभाग की ओर से महुअरिया के ब्लैक बक घाटी, इको वैली, लखनिया समेत आठ जगहों पर पक्के वाटर होल बनवाए गए हैं। ताकि कोई भी जानवर जंगल से बाहर सीमावर्ती गांवों में पानी के लिए ना भटकें। जंगली जानवरों को पीने के लिए पानी टैंकर से दस किमी दूर जुड़ौली गांव से पानी लाकर वाटर होल भरे जा रहे हैं।
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