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सरकारी धन का बंदरबाट करने वालों को बचाने में जुटे बीडीओ
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सोनभद्र। जिले के कई ग्राम पंचायतों में ब्रेंच की खरीद में हुए लाखों के घोटाले की जांच के लिए सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने परियोजना निदेशक डीआरडीए के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। 23 मार्च को पीडी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर किन-किन ग्राम पंचायतों में बेंचों लगाए गए हैं और किस फर्म को कितना भुगतान किया गया है आदि के संबंध में तीन दिन के भीतर सूचना देने को कहा था लेकिन लेकिन अभी तक कई बीडीओ ने सूचना नहीं दी।
बता दें कि जिले के कई ग्राम पंचायतों में बेंचों को लगाया गया है। बेंचों को लगाने के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट करने की शिकायत मिलने पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राम शिरोमणि मौर्य के अगुवाई तीन सदस्यीय टीम बेंचों के तकनीकी मूल्यांकन के लिए गठित की है। 23 मार्च को परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज, करमा, चतरा, नगवां, चोपन, कोन, दुद्दी, म्योरपुर और बभनी को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों की ओर से क्रय किए गए बेंचों की जांच के लिए ग्राम पंचायतवर आपूर्ति लिए गए बेंचों की वांछित सूचनाएं तीन दिन के भीतर मुहैया कराने का कहा था लेकिन 31 मार्च तक कई बीडीओ सूचनाएं मुहैया नहीं कराई हैं। सूत्रों की मानें तो कई बीडीओ नियमों को ताख पर रख कर अधिक रेट से बेंचों का भुगतान करने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों को बचाने की जुगत में सूचनाएं मुहैया नहीं करा रहे हैं। इस संबंध में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण रामशिरोमणि मौर्य ने बताया कि कई खंड विकास अधिकारियों ने सूचनाएं जो मांगी गई थीं, उसे नहीं भेजा है। कहा कि चार अप्रैल से वह टीम के साथ गांवों में जाकर जांच करना शुरू कर देंगे।
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बता दें कि जिले के कई ग्राम पंचायतों में बेंचों को लगाया गया है। बेंचों को लगाने के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट करने की शिकायत मिलने पर सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राम शिरोमणि मौर्य के अगुवाई तीन सदस्यीय टीम बेंचों के तकनीकी मूल्यांकन के लिए गठित की है। 23 मार्च को परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारी राबर्ट्सगंज, करमा, चतरा, नगवां, चोपन, कोन, दुद्दी, म्योरपुर और बभनी को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों की ओर से क्रय किए गए बेंचों की जांच के लिए ग्राम पंचायतवर आपूर्ति लिए गए बेंचों की वांछित सूचनाएं तीन दिन के भीतर मुहैया कराने का कहा था लेकिन 31 मार्च तक कई बीडीओ सूचनाएं मुहैया नहीं कराई हैं। सूत्रों की मानें तो कई बीडीओ नियमों को ताख पर रख कर अधिक रेट से बेंचों का भुगतान करने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों को बचाने की जुगत में सूचनाएं मुहैया नहीं करा रहे हैं। इस संबंध में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण रामशिरोमणि मौर्य ने बताया कि कई खंड विकास अधिकारियों ने सूचनाएं जो मांगी गई थीं, उसे नहीं भेजा है। कहा कि चार अप्रैल से वह टीम के साथ गांवों में जाकर जांच करना शुरू कर देंगे।
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