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निजी अस्पतालों की तर्ज पर आयुष अस्पतालों में मिलेगी सुविधाएं

Wed, 13 Apr 2022 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2022 11:48 PM IST
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Ayush hospitals will get facilities on the lines of private hospitals
निजी अस्पतालों की तर्ज पर आयुष अस्पतालों में मिलेगी सुविधाएं
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- कायाकल्प अभियान से आयुष चिकित्सालयों की स्थिति सुधारेंगे
- अस्पतालों का कायाकल्प करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। निजी अस्पतालों की तर्ज पर अब जिले के आयुष अस्पतालों में भी मरीजों को सुविधाएं मुहैया होने की उम्मीद जग गई। जिले में संचालित एक यूनानी अस्पताल और 21 आयुष अस्पतालों का कायाकल्प होगा। इसके लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अफसर अस्पतालों में रंगाई, पुताई आदि का कार्य कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने की कार्यवाही में जुट गए हैं ताकि जल्द से जल्द लोगों को सुविधाएं मिल सकें।
बता दें कि जिले में आयुष पद्धति से मरीजों का उपचार करने के लिए एक यूनानी अस्पताल, 21 आयुष अस्पताल संचालित हो रहे हैं। वहीं लोढ़ी में पचास शैय्या युक्त एकीकृत आयुष चिकित्सालय भी है। हालांकि वर्तमान में अधिकांश आयुष अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं न के बराबर है। इस नाते मरीज इन अस्पतालों में उपचार कराने के लिए कम ही पहुंच रहे हैं। मामला संज्ञान में आने पर पूर्व में संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों ने अस्पतालों का कायाकल्प कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन स्तर से अस्पतालों का कायाकल्प कराते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश जारी कर दिया गया है। उक्त आदेश के क्रम में जिले में विभागीय अधिकारियों ने कार्यवाही तेज कर दी है। शासन से बजट मिलते ही अस्पतालों के कायाकल्प का काम शुरू हो जाएगा।
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वर्षों से उपेक्षा झेल रहे अस्पतालों में जगी आस
सोनभद्र। जिले में कई आयुष अस्पताल भाड़े की बिल्डिंग में संचालित हैं। वहीं कई अस्पतालों में मरीजों और कर्मचारियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। इन अस्पतालों की स्थिति बहुत ही दयनीय है। कहीं फर्श टूटी है तो कही चहारदीवारी नहीं है। राबर्ट्सगंज नगर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का संचालन कई दशक से किराये के मकान में हो रहा है।जगह कम होने के कारण ओपीडी भी प्रभावित होती है। इसके लिए विभाग की ओर से जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लंबे समय से जमीन की मांग की जा रही है।
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सरकार की ओर से अस्पतालों के कायाकल्प कराने की मंजूरी मिली है। अभी यह निर्देश नहीं मिले है कि कायाकल्प के तहत अस्पतालों में कौन-कौन से काम कराए जाएंगे। अभी कायाकल्प के लिए धन नहीं मिला है। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. मिलन सिंह, कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
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