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शिक्षिका से दुष्कर्म के दोषी सहायक प्रबंधक को 20 साल कैद की सजा, 2.61 लाख का जुर्माना भी

Thu, 04 Aug 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 11:42 PM IST
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Assistant manager convicted of raping teacher sentenced to 20 years imprisonment, also fined 2.61 lakh
अपर सत्र न्यायाधीश (सीएडब्लू) सोनभद्र आशुतोष सिंह की अदालत ने सात वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर अध्यापिका से दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में एनटीपीसी के सहायक प्रबंधक को दोषी करार दिया है। उसे 20 साल की कैद और 2.61 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोषी माता-पिता को चार-चार साल की कैद और 41-41 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। इस मामले में एक आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की अध्यापिका ने 17 जून 2016 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी सगाई राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मधुपुर गांव निवासी एनटीपीसी विंध्याचल सिंगरौली में सहायक प्रबंधक रहे अतीश कुमार सिंह पुत्र डॉ. रामकृत सिंह से 23 अप्रैल 2015 में हुई थी। शादी का झांसा देकर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो क्लिप बनाकर ब्लैकमेल भी करता रहा। दहेज में माता आशा देवी व पिता डॉक्टर रामकृत ने 15 लाख रुपये भी ले लिया। बाद में शादी करने से इनकार कर दिया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी सहायक प्रबंधक अतीश कुमार सिंह को 20 वर्ष की कैद और 2.61 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं दोषी आशा देवी व डॉक्टर रामकृत सिंह को दोषसिद्ध पाकर चार-चार साल की कैद और 41-41 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं एक आरोपी बिजेंद्र को दोषमुक्त करार दिया। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता बी. सिंह व सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।
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