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Sonebhadra News: आशा, एएनएम और पंचायत सहायक भी बनाएंगे आयुष्मान कार्ड
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आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत चिह्नित परिवारों को लाभान्वित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद तेज कर दी है। अंत्योदय कार्य, पात्र गृहस्थी श्रेणी और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लाभार्थियों के कार्ड प्राथमिकता से बनाए जाने हैं।
जिले में इनकी संख्या करीब एक लाख है। अब तक करीब दस हजार के कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस कार्य में अब चिह्नित आशा, एएनएम और गांवों के पंचायत सहायकों को भी लगाया गया है। इसकी नियमित रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
आयुष्मान कार्ड धारकाें को चिह्नित अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार की सुविधा है। आदिवासी बहुल जिले में इस योजना के तहत छूटे हुए परिवारों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज है। फिलहाल तीन श्रेणियों के लाभार्थियों के कार्ड बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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इसमें अंत्योदय राशन कार्डधारक श्रेणी में 24491 परिवार हैं। इन परिवारों के 45 हजार सदस्यों के कार्ड नहीं बन पाए हैं। छह या इससे अधिक पात्र गृहस्थी कार्ड वाले परिवारों की संख्या 16670 है।
इसमें 1.08 लाख सदस्य हैं, जिसमें 53 हजार के कार्ड बनने शेष हैं। 60 वर्ष की आयु वाले 1132 परिवारों के 1167 सदस्यों का कार्ड बनाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर अक्तूबर और नवंबर में अब तक करीब 10 हजार लोगों के कार्ड बनाए हैं।
लाभार्थियों की सहूलियत के लिए सभी ब्लाॅक स्तरीय सीएचसी-पीएचसी के अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर भी कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा चिह्नित एएनएम और आशा को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंचायत राज विभाग से गांवों में तैनात पंचायत सहायक भी आयुष्मान कार्ड बनाने में लगाए गए हैं।
सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि सभी पात्र परिवारों के वंचित सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। पात्र सदस्य नजदीकी केंद्रों पर पहुंचकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं। इसकी नियमित निगरानी रखी जा रही है। किसी तरह की लापरवाही पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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जिले में इनकी संख्या करीब एक लाख है। अब तक करीब दस हजार के कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस कार्य में अब चिह्नित आशा, एएनएम और गांवों के पंचायत सहायकों को भी लगाया गया है। इसकी नियमित रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
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आयुष्मान कार्ड धारकाें को चिह्नित अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार की सुविधा है। आदिवासी बहुल जिले में इस योजना के तहत छूटे हुए परिवारों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज है। फिलहाल तीन श्रेणियों के लाभार्थियों के कार्ड बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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इसमें अंत्योदय राशन कार्डधारक श्रेणी में 24491 परिवार हैं। इन परिवारों के 45 हजार सदस्यों के कार्ड नहीं बन पाए हैं। छह या इससे अधिक पात्र गृहस्थी कार्ड वाले परिवारों की संख्या 16670 है।
इसमें 1.08 लाख सदस्य हैं, जिसमें 53 हजार के कार्ड बनने शेष हैं। 60 वर्ष की आयु वाले 1132 परिवारों के 1167 सदस्यों का कार्ड बनाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर अक्तूबर और नवंबर में अब तक करीब 10 हजार लोगों के कार्ड बनाए हैं।
लाभार्थियों की सहूलियत के लिए सभी ब्लाॅक स्तरीय सीएचसी-पीएचसी के अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर भी कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा चिह्नित एएनएम और आशा को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंचायत राज विभाग से गांवों में तैनात पंचायत सहायक भी आयुष्मान कार्ड बनाने में लगाए गए हैं।
सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि सभी पात्र परिवारों के वंचित सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। पात्र सदस्य नजदीकी केंद्रों पर पहुंचकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं। इसकी नियमित निगरानी रखी जा रही है। किसी तरह की लापरवाही पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।