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Sonebhadra News: छह नए राजकीय हाईस्कूल के संचालन को मंजूरी, प्रवेश शुरू
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सोनभद्र। राजकीय हाईस्कूल की सूची में अब छह नए नाम भी जुड़ गए हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय के रूप में संचालित इन विद्यालयों को वर्ष 2022 में उच्चीकृत किया गया था। अब चालू शिक्षण सत्र से इनमें प्रवेश प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। इन विद्यालयों के संचालन के लिए फिलहाल आसपास के दूसरे माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को संबद्ध किया गया है। जल्द ही नई स्थाई तैनाती भी होगी। छह हाईस्कूल के संचालन से इन इलाकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए अब दूर नहीं जाना होगा।
जिले के सुदूर इलाकों में आवागमन की सुविधा के अभाव में आठवीं के बाद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। हाईस्कूल की शिक्षा के लिए उन्हें कई किमी दूर जाना पड़ता है। इसके चलते हर साल बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। खासतौर से लड़कियों को आगे पढ़ने में दिक्कत आती थी। इस समस्या के समाधान के लिए शासन ने वर्ष 2022 में जिले के छह उच्च प्राथमिक विद्यालयों को हाईस्कूल में उच्चीकृत करने की मंजूरी दी थी। भवन निर्माण के लिए प्रति विद्यालय 75.65 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। भवन निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद अब चालू सत्र से इन विद्यालयों का संचालन का भी निर्देश मिल गया है। इसके नजदीकी विद्यालयों के शिक्षकों को संबद्ध करते हुए कक्षा-9 व 10 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों का अलग यू डायस कोड भी जारी कर दिया गया है।
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इन शिक्षकों को किया गया संबद्ध
राजकीय हाईस्कूल बेलहत्थी से राजकीय इंटर कॉलेज गुरमुरा के शिक्षक अमर सिंह, राजकीय हाईस्कूल सुकृत में राजकीय बालिका हाईस्कूल चननी की शिक्षिका कुसुम अर्पणा, राजकीय हाईस्कूल मारकुंडी घाटी में पीएमश्री जीआईसी शक्तिनगर के शिक्षक प्रदीप पांडेय को संबद्ध किया गया है। राजकीय हाईस्कूल कुसुम्हा में राजकीय बालिका हाईस्कूल इकदीरी की संगीता प्रजापति, राजकीय हाईस्कूल खरहरा में राजकीय हाईस्कूल जुगैल के प्रशांत सिंह को संबद्ध किया गया है। राजकीय हाईस्कूल मऊ कलां में राजकीय बालिका हाईस्कूल भुसौलिया की पूनम रानी को संबद्ध किया गया है।
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वर्जन...
छह नए राजकीय हाईस्कूल के संचालन की अनुमति मिल गई है। स्थायी शिक्षक-प्रधानाचार्य की तैनाती तक इन विद्यालयों के संचालन के लिए आसपास के विद्यालयों के शिक्षकों को संबद्ध करते हुए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इन स्कूलों के संचालन से आसपास के गांवों के बच्चों को पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी। -जयराम सिंह, डीआईओएस।
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जिले के सुदूर इलाकों में आवागमन की सुविधा के अभाव में आठवीं के बाद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। हाईस्कूल की शिक्षा के लिए उन्हें कई किमी दूर जाना पड़ता है। इसके चलते हर साल बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। खासतौर से लड़कियों को आगे पढ़ने में दिक्कत आती थी। इस समस्या के समाधान के लिए शासन ने वर्ष 2022 में जिले के छह उच्च प्राथमिक विद्यालयों को हाईस्कूल में उच्चीकृत करने की मंजूरी दी थी। भवन निर्माण के लिए प्रति विद्यालय 75.65 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। भवन निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद अब चालू सत्र से इन विद्यालयों का संचालन का भी निर्देश मिल गया है। इसके नजदीकी विद्यालयों के शिक्षकों को संबद्ध करते हुए कक्षा-9 व 10 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों का अलग यू डायस कोड भी जारी कर दिया गया है।
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इन शिक्षकों को किया गया संबद्ध
राजकीय हाईस्कूल बेलहत्थी से राजकीय इंटर कॉलेज गुरमुरा के शिक्षक अमर सिंह, राजकीय हाईस्कूल सुकृत में राजकीय बालिका हाईस्कूल चननी की शिक्षिका कुसुम अर्पणा, राजकीय हाईस्कूल मारकुंडी घाटी में पीएमश्री जीआईसी शक्तिनगर के शिक्षक प्रदीप पांडेय को संबद्ध किया गया है। राजकीय हाईस्कूल कुसुम्हा में राजकीय बालिका हाईस्कूल इकदीरी की संगीता प्रजापति, राजकीय हाईस्कूल खरहरा में राजकीय हाईस्कूल जुगैल के प्रशांत सिंह को संबद्ध किया गया है। राजकीय हाईस्कूल मऊ कलां में राजकीय बालिका हाईस्कूल भुसौलिया की पूनम रानी को संबद्ध किया गया है।
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छह नए राजकीय हाईस्कूल के संचालन की अनुमति मिल गई है। स्थायी शिक्षक-प्रधानाचार्य की तैनाती तक इन विद्यालयों के संचालन के लिए आसपास के विद्यालयों के शिक्षकों को संबद्ध करते हुए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इन स्कूलों के संचालन से आसपास के गांवों के बच्चों को पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी। -जयराम सिंह, डीआईओएस।