फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Air pollution in Energetic at dangerous level

ऊर्जांचल में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में खुलासा

Wed, 28 Oct 2020 12:45 AM IST
swadhin tiwari स्‍वाधीन तिवारी
Updated Wed, 28 Oct 2020 12:45 AM IST
विज्ञापन
Air pollution in Energetic at dangerous level
वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

सोनभद्र में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अनपरा से शक्तिनगर के बीच स्थित 18 किमी सड़क पर हवा में जानलेवा धूल जमी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कराई गई जांच में यहां प्रति किमी हवा में सौ किलोग्राम और कुछ जगहों पर इससे भी अधिक मात्रा में 75 माइक्रोग्राम से भी छोटे कण पाए गए हैं। ये फेफड़ों को छलनी कर रहे हैं।

विज्ञापन


महज 18 किमी सड़क पर 1800 किलोग्राम धूलकण मिलने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी सकते में हैं। इस पर प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी किया है वहीं एनसीएल को ट्रीटमेंट प्लांट के निष्प्रयोज्य पानी का परियोजना क्षेत्र से गुजरने वाली सड़क पर छिड़काव कराने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


 सबसे खराब स्थिति अनपरा से शक्तिनगर के बीच स्थित 18 किमी राजमार्ग की है। इस पर रोजाना डेढ़ हजार से अधिक कोयला लदे ट्रकों के आवागमन और सड़क की खराब स्थिति के चलते अनपरा से शक्तिनगर तक धूल ही धूल है। हालत यह है कि आसमान में स्माग जैसी स्थिति बन जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे सड़क पर पैदल, बाइक, साइकिल से चलने वालों की फजीहत तो होती ही है, सड़क के आस पास रहने वालों को प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एनजीटी के दबाव पर सड़क की स्थिति सुधारने के लिए नई सड़क बनाई जा रही है। सड़क चौड़ी की जा रही है लेकिन कार्य की धीमी गति और जहां-तहां खुदाई और वाहनों के चलने से धूल उड़ती है।

एक माह पूर्व से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण की निगरानी शुरू करा दी है। निगरानी में यह पाया गया है कि अनपरा-शक्तिनगर के बीच की सड़क पर प्रति किमी सौ किग्रा और कहीं कहीं इससे भी अधिक धूल हवा में है। स्थिति को देखते हुए निगरानी की जो समय सीमा दिसंबर तक तय की गई थी, अब उसे फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है। हालात जल्द नियंत्रण में हो, इसके लिए जहां नोटिस जारी कर पानी का छिड़काव शुरू करा दिया गया है।

प्रदूषण बढ़ा तो बढ़ेगा कोरोना संक्रमण
सर्दी के मौसम में धूल कण अधिक ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाते। ऐसी स्थिति में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है। कई बार तो एयर इंडेक्स 300 के पार पहुंच जाता है। अगर प्रदूषण का स्तर बढ़ा तो कोरोना संक्रमण भी बढ़ सकता है। क्योंकि कोरोना भी फेफड़े के संक्रमण से जुड़ा होता है।

इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गत दिनों अनपरा के औड़ी मोड़ से शक्तिनगर तक 18 किमी के बीच 17 स्थानों से धूल का सैंपल लिए थे। हवा या वाहनों के चलने से उड़ती है तो प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। जो फेफड़े के संक्त्रस्मण को बढ़ाने में मददगार होगा। 
 

अनपरा-शक्तिनगर के बीच स्थित सड़क पर प्रति किमी सौ किलो धूल की स्थिति चिंताजनक है। इसको नियंत्रित करने के लिए पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी कर दिन में तीन बार पानी छिड़काव का शेड्यूल तय किया गया है। एनसीएल को ट्रीटमेंट प्लांटों के निष्प्रयोज्य पानी का सड़क पर छिड़काव करने के निर्देश दिया गया है। ट्रकों, ट्रेलरों से हो रहे कोयला परिवहन सुरक्षित तरीके से करने का भी निर्देश दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण के मानकों से खिलवाड़ नहीं होने दी जाएगी। 
राधेश्याम, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed