सोनभद्र। गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को आयुष काढ़ा पिलाने का अभियान गुरुवार से शुरू हो गया। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी पर काढ़ा पिलाकर इस अभियान की शुरूआत की। इस दौरान डीएम ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है, इसे बचाये रखना बेहद जरूरी है। नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण ज्यादातर उम्र दराज बुजुर्ग नागरिकों में ज्यादा संभावित है, लिहाजा 60 वर्ष के ऊपर वाले बुजुर्ग व बीमारियों से ग्रस्त जिले के चिह्नित 30 हजार नागरिकों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने के लिए सर्विलांस टीम ग्राम प्रधान व सचिव के माध्यम से आयुष काढ़ा सरकारी खर्चें पर पिलाने का निर्णय लिया गया है।
बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय लोढ़ी परिसर में गांव के चिन्हांकित बुजुर्गों को आयुष काढ़ा पिलाकर बुजुर्गों का प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हुए उन्हें बीमारियों से बचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। यहां डीएम राजलिंगम, एसपी आशीष श्रीवास्तव, सीडीओ अजय कुमार द्विवेदी, सीएमओ डॉ. एसके उपाध्याय, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. वीपी सिंह, डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, समाज सेवी गोविंद यादव, ग्राम प्रधान शमशेर बहादुर सिंह ने बुजुर्गों को काढ़ा पिलाया। डीएम ने बताया कि आयुष विभाग के संस्तुति पर ग्राम पंचायत के मद से यानी सरकारी खर्चे पर एक साथ 50 चिन्हांकित उम्र दराज व गंभीर रूप से बीमार नागरिकों को आयुष काढ़ा बनाने के लिए तुलसी-250 ग्राम, सोठ-125 ग्राम, दालचीनी-125 ग्राम, काली मिर्च-65 ग्राम, लौंग-65 ग्राम, हल्दी-125 ग्राम व गिलोय, गुरूछ-250 ग्राम व जरूरत के मुताबिक गुण 10 लीटर पानी में उबालने/पकाने पर जब पानी आधा यानी पांच लीटर बाकी रह जाता है तो बाकी आयुष काढ़ा के रूप में बचे पांच लीटर अमृत समान प्रतिरोधात्मक काढ़ा को 100-100 ग्राम प्रति चिह्नित व्यक्ति को पिलाने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। 15 अगस्त तक सरकारी खर्चे पर प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ावा देने संबंधी काढ़ा पिलाओ अभियान चलेगा।