{"_id":"67b4cc02e76143d1f60b2a7c","slug":"advocate-amendment-bill-is-not-in-the-interest-of-advocates-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-124522-2025-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: अधिवक्ताओं के हित में नहीं है एडवोकेट संशोधन विधेयक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: अधिवक्ताओं के हित में नहीं है एडवोकेट संशोधन विधेयक
विज्ञापन
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार को एडवोकेट संशोधन विधेयक 2025 का विरोध करते हुए राष्ट्रपति को नौ सूत्री ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंप इसे अधिवक्ताओं के हित के खिलाफ बताया।
इन्होंने इस विधेयक को अधिवक्ता स्वतंत्रता और न्याय व्यवस्था के लिए घातक बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष जगजीवन सिंह ने कहा कि भारत सरकार की ओर से प्रस्तावित एडवोकेट संशोधन विधेयक 2025 अधिवक्ताओं के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अधिवक्ता स्वतंत्रता बेहद आवश्यक है, लेकिन इस संशोधन विधेयक में अधिवक्ताओं के अधिकारों को सीमित करने का प्रस्ताव किया गया है।
विज्ञापन
महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य ने कहा कि इस विधेयक में अधिवक्ताओं के स्वतंत्र अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे वे आमजन को न्याय दिलाने में बाधित हो सकते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे 28 फरवरी 2025 तक विधेयक का विरोध दर्ज कराएं और इसके खिलाफ सशक्त विरोध प्रदर्शन करें।
इस ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट विनोद कुमार शुक्ल, राजेश यादव, सुरेश सिंह कुशवाहा, राजेश कुमार मौर्य, रामगुल्ली यादव, शाहनवाज आलम खां, वी.पी. सिंह, रियाजुद्दीन खान, अशोक कनौजिया आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
इन्होंने इस विधेयक को अधिवक्ता स्वतंत्रता और न्याय व्यवस्था के लिए घातक बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष जगजीवन सिंह ने कहा कि भारत सरकार की ओर से प्रस्तावित एडवोकेट संशोधन विधेयक 2025 अधिवक्ताओं के हित में नहीं है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अधिवक्ता स्वतंत्रता बेहद आवश्यक है, लेकिन इस संशोधन विधेयक में अधिवक्ताओं के अधिकारों को सीमित करने का प्रस्ताव किया गया है।
विज्ञापन
महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य ने कहा कि इस विधेयक में अधिवक्ताओं के स्वतंत्र अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे वे आमजन को न्याय दिलाने में बाधित हो सकते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे 28 फरवरी 2025 तक विधेयक का विरोध दर्ज कराएं और इसके खिलाफ सशक्त विरोध प्रदर्शन करें।
इस ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट विनोद कुमार शुक्ल, राजेश यादव, सुरेश सिंह कुशवाहा, राजेश कुमार मौर्य, रामगुल्ली यादव, शाहनवाज आलम खां, वी.पी. सिंह, रियाजुद्दीन खान, अशोक कनौजिया आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।