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Sonebhadra News: हादसों वाला हाईवे... 150 किमी में 18 ब्लैक स्पॉट, हर साल डेढ़ सौ मौतें

Sun, 24 Nov 2024 03:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2024 03:17 AM IST
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Accident-prone highway... 18 black spots in 150 km, 150 deaths every year
सोनभद्र। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर सफर कर रहे हैं तो पूरी सावधानी से चलिए। कहने के लिए तो यह सोनांचल की लाइफ लाइन है, सबसे ज्यादा जिंदगियां भी इसी पर दम तोड़ रही हैं। जिले की सीमा में करीब 150 किमी लंबी सड़क पर हर वर्ष करीब 150 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। कुल 20 में 18 ब्लैक स्पॉट भी इसी मार्ग पर हैं। बावजूद सड़क सुरक्षा के इंतजाम नदारद हैं। तीन हिस्सों में बंटी सड़क की देखरेख तीन अलग-अलग संस्थाएं कर रही हैं, फिर भी कोई जिम्मेदारी नहीं निभा रहा।
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सुकृत से हाथीनाला तक सड़क स्टेट हाईवे है। इसकी देखरेख का जिम्मा उपसा के माध्यम से एसीपी टोलवेज कंपनी करती है। इसके आगे हाथीनाला से औड़ी मोड़ तक की सड़क रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधीन है।
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वहीं औड़ी मोड़ से शक्तिनगर तक के हिस्से को पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ने बनवाया है। सड़क के तीनों हिस्सों में यातायात सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। उपसा की ओर से जगह-जगह संकेतक, ब्रेकर आदि लगाए गए हैं, लेकिन उनमें मानक का ध्यान नहीं रखा गया है।
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कई जरूरी जगहों पर संकेतक नहीं है। सबसे खराब स्थिति एनएच के अंतर्गत आने वाले हाथीनाला से औड़ी मोड़ तक है। रिहंद बांध के किनारे से बनी इस सड़क पर कोयला व राख लदे वाहनों का भारी ट्रैफिक होने के बाद भी यह अब तक टू-लेन है। इसके चलते वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं आए दिन होती हैं। ओड़ीमोड़ से शक्तिनगर तक सड़क को फोरलेन किया गया है, मगर कई जगह काम अधूरा छोड़ने, अवैध कट बंद न करने और संकेतकों के अभाव में हादसे हो रहे हैं।
हाईवे पर यहां है ब्लैक स्पॉट
जिले में 20 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इसमें 18 ब्लैक स्पॉट सिर्फ वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर हैं। रॉबर्ट्सगंज थाना अंतर्गत उरमौरा, चंडी तिराहा, हिंदुआरी, बिच्छी, मधुपुर, चोपन थाना क्षेत्र में मारकुंडी, सलखन, पटवध, चोपन बैरियर, सिंदुरिया, कस्बा चोपन, कस्बा डाला, गुरमुरा, हाथीनाला थाना क्षेत्र में हथवानी, पिपरी में खाड़पाथर, रेणुकूट, अनपरा में औड़ी मोड़ और शक्तिनगर थाना क्षेत्र में चिल्काडांड को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। यह वह इलाके हैं, जो पूर्व के वर्षों में भी ब्लैक स्पॉट घोषित थे। इसके अलावा दो अन्य ब्लैक स्पॉट किरबिल और नधिरा में हैं। विभागीय मानक के तहत जिन स्थानों पर साल में चार या उससे अधिक हादसे होते हैं, उसे ब्लैक स्पॉट किया जाता है।

चार साल में 1531 हादसे, 1119 लोगों की मौत
वर्ष:: हादसे : मौत
2021: 348: 268
2022: 386: 279
2023: 441: 318
2024: 356: 254 (अक्तूबर तक)
(नोट: इसमें 80 फीसदी हादसे वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर हुए हैं।)
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। हाईवे पर स्थित सभी ब्लैक स्पॉट पर जरूरी सुविधाओं के लिए पिछले दिनों हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित कार्यदाई संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं। इसे शीघ्र पूरा कराते हुए सुरक्षित यातायात के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। - अविनाश सिंह, यातायात प्रभारी।
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