UP: 'कहां होगा मेरा लाल', छह साल से बेटे की राह देख रही मां का छलका दर्द, आखिरी बार हुई थी ये बात; जानें मामला
Sonbhadra News: सोनभद्र जिले के माता-पिता को अब भी विश्वास है कि उनका बेटा एक दिन जरूर लौटेगा। तब तक दरवाजे पर टिकी उनकी निगाहें और दिल में जगी उम्मीद ही उनका सहारा है।
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UP News: किसी अपने के खोने का दर्द वक्त के साथ कम नहीं होता, बल्कि हर गुजरते दिन के साथ और गहरा होता जाता है। थाना क्षेत्र के चौना गांव का एक परिवार पिछले छह साल से इसी असहनीय पीड़ा के साथ जी रहा है। अमन (14) 13 दिसंबर 2019 को अचानक लापता हो गया था। उस दिन मां से हुई महज 30 सेकंड की आखिरी बातचीत आज भी परिवार के दिल में टीस बनकर चुभती है।
पिता छोटेलाल बताते हैं कि अमन तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। पढ़ाई के लिए उसे ओबरा भेजा गया था, जहां वह 10वीं की तैयारी कर रहा था। घटना के दिन उसने एक दोस्त से कुछ रुपये उधार मांगे थे।
इसकी जानकारी होने पर मां शांति देवी ने उसे फोन कर कहा कि जरूरत होने पर वह सीधे घर से पैसे मांगता। इतना सुनते ही अमन ने फोन काट दिया। इसके बाद उससे दोबारा कभी बात नहीं हो सकी।
आज भी है इंतजार
अगले दिन जब फोन नहीं उठा तो परिजन ओबरा पहुंचे। कमरे पर ताला लगा था और अंदर मोबाइल, स्मार्ट वॉच समेत सारा सामान जस का तस रखा मिला। 15 दिसंबर को पुलिस को सूचना दी गई। प्रयागराज, वाराणसी से लेकर दिल्ली तक तलाश की गई, लेकिन अमन का कोई सुराग नहीं मिला। मां शांति देवी की आंखें आज भी बेटे की याद में नम हो जाती हैं।
वह कहती हैं कि काश उस दिन कुछ और देर बात कर ली होती, तो शायद उनका बेटा आज उनके साथ होता। पिता को भी यही मलाल है कि एक बार बात हो जाती तो हालात कुछ और होते।
बड़े भाई अमित के अनुसार, चोरी के एक मोबाइल को लेकर अमन पर दबाव बनाया जा रहा था, जिसके कारण उसने पैसे जुटाने की कोशिश की थी। हालांकि इस दिशा में भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। हाल ही में लापता बच्चों को ढूंढने के लिए चल रही मुहिम से परिवार की उम्मीद फिर जागी है।