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ओबरा में भी निकाले गए ताजिये
Sonbhadra
Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
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ओबरा। ओबरा में रविवार की शाम पूरे अकीदत और एहतराम के साथ ताजिये निकाले गए। इस जुलूस में आपसी एकता की परंपरा का निर्वाह करते हुए हिंदू-मुस्लिम दोनों संप्रदायों के लोग शामिल हुए।
नगर के विभिन्न इलाकों से निकाले गए ताजिये में चोपन रोड का ताजिया लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। इसके ताजियेदार मुस्ताक अहमद थे। वहीं कुरैश नगर से सलीम कुरैशी, भलुआ टोला से महमूद अंसारी, मिल्लत नगर से पीर मुहम्मद ताजियेदार थे। नगर में कुल पांच ताजिये निकाले गए। वहीं चूड़ी गली से अकरम नूरी ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। ताजियों के सजावट व रंगों का तालमेल इस तरह किया गया था कि लोगों का मन बार बार ताजिये को निहारने में लगा रहा। ताजिये चोपन रोड, क्लब नंबर दो, सब्जी मंडी, गांधी मैदान, वीआईपी रोड का चक्रमण करते हुए ईदगाह में स्थित करबला पहुंचे, जहां उसकी पूरे रीति रिवाज के साथ दफनाया गया। वहीं ताजिये के आगे चल रहा दुलदुल का घोड़ा आकर्षण का केंद्र बना रहा। दुलदुल के साथ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग जुलूस को आगे बढ़ाने में लगे थे। इस अवसर पर मुनीर अहमद, सदरूल खां, फिरोज अहमद, गुलाम मुहम्मद चिश्ती, मुख्तार खां, डब्बू, शाहनवाज, अहमद हबी अंसारी, मोहम्मद युसुफ आदि शामिल रहे। समस्त ताजिये इंतेजामिया कमेटी के सदर शमीम अहमद की सरपरस्ती में निकाले गए। जुलूस में मुस्लिम युवाओं द्वारा युद्ध कलाओं का प्रदर्शन किया गया। जुलूस की चौकसी में पुलिस थानाध्यक्ष रवींद्र यादव के नेतृत्व में लगी रही।
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नगर के विभिन्न इलाकों से निकाले गए ताजिये में चोपन रोड का ताजिया लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। इसके ताजियेदार मुस्ताक अहमद थे। वहीं कुरैश नगर से सलीम कुरैशी, भलुआ टोला से महमूद अंसारी, मिल्लत नगर से पीर मुहम्मद ताजियेदार थे। नगर में कुल पांच ताजिये निकाले गए। वहीं चूड़ी गली से अकरम नूरी ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। ताजियों के सजावट व रंगों का तालमेल इस तरह किया गया था कि लोगों का मन बार बार ताजिये को निहारने में लगा रहा। ताजिये चोपन रोड, क्लब नंबर दो, सब्जी मंडी, गांधी मैदान, वीआईपी रोड का चक्रमण करते हुए ईदगाह में स्थित करबला पहुंचे, जहां उसकी पूरे रीति रिवाज के साथ दफनाया गया। वहीं ताजिये के आगे चल रहा दुलदुल का घोड़ा आकर्षण का केंद्र बना रहा। दुलदुल के साथ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग जुलूस को आगे बढ़ाने में लगे थे। इस अवसर पर मुनीर अहमद, सदरूल खां, फिरोज अहमद, गुलाम मुहम्मद चिश्ती, मुख्तार खां, डब्बू, शाहनवाज, अहमद हबी अंसारी, मोहम्मद युसुफ आदि शामिल रहे। समस्त ताजिये इंतेजामिया कमेटी के सदर शमीम अहमद की सरपरस्ती में निकाले गए। जुलूस में मुस्लिम युवाओं द्वारा युद्ध कलाओं का प्रदर्शन किया गया। जुलूस की चौकसी में पुलिस थानाध्यक्ष रवींद्र यादव के नेतृत्व में लगी रही।
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