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तुम अगर बंशी बनो तो रागिनी बन जाऊंगी...
Sonbhadra
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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दुद्धी। कौमी एकता समिति के तत्वावधान में तहसील परिसर में बुधवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न प्रदेशों से आए कविओं और कवित्रियों की रात काव्यपाठ की रसधारा बहती रही और श्रोता ठहाके लगाते रहे।
सम्मेलन की शुरुआत कवियत्री रचना तिवारी के सरस्वती वंदना मां मुझे बुद्धि ज्ञान दो, वक्त को भक्ति का दान दो के गीत से हुआ। समीर सारस्वत ने अपनी कविता दिल्ली दरबार का क्या विश्वास के हास्य व्यंग्य से श्रोताओं को खूब हंसाया। अहमद आजमी ने सच क्या है बता क्यों नहीं देते, हम बैहले तस्वीर नहीं देगे खुद अपने गुलामी की जंजीर नहीं देंगे। वहीं पूनम श्रीवास्तव ने अपने कविता में तुम अगर बंशी बनो तो रागिनी बन जाऊंगी, नाम पूनम मेरा चांदनी बन जाऊंगी के कविता से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हसन ने अपने कविता में खिलता हुआ गुलाब मेरा सोनभद्र हैं, आजाइए अनाब सोनभद्र है के गीत को विस्तार से सुनाया। रामबाबू सिकरवार घोटाले जो तुम कर डालो, जनता के पैसे से, तुमने खाई काजू पिस्ते पब्लिक खाती फाका सुनाया। नसीर जौनपुरी प्यार करना है तो पागल कर दो, तेरी याद में राया खत जलाने से पहले तथा डा. नम्रता ने अपनी कविता मेरी चाहत रंग मिल जाए, जैसे फागून में भंग मिल जाए सुनाया। डा. अनिल मिश्र ने धूप अंधरों में रखकर भले जाएंगे, हम तो गीतों को सुनाकर चले जाएंगे की कविता सुनाई। इसके पूर्व कौमी एकता समिति के अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने कवियों का स्वागत किया। इस दौरान सांसद पकौड़ी लाल कोल, सपा जिलाध्यक्ष श्यामबिहारी यादव, रामेश्वर यादव, सोबरन सोनवान, जुबेर आलम, संजय यादव आदि मौजूद रहे।
, उपजिलाधिकारी रामअभिलाष, क्षेत्राधिकारी ललन यादव, नायब तहसीलदार राजाराम सहित तमाम अधिकारियाें के साथ मदनमोहन तिवारी, गौस मुहम्मद, दिनेश अग्रहरि, भूपेश चौबे, सुरेंद्र अग्रहरि, विपिन बिहारी, जयशंकर प्रसाद, रामपाल जौहरी सहित काफी संख्या में श्रोता मौजूद रहे। संचालन कमलेश राजहंश ने तथा अध्यक्षता पकौड़ीलाल कोल ने की।
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सम्मेलन की शुरुआत कवियत्री रचना तिवारी के सरस्वती वंदना मां मुझे बुद्धि ज्ञान दो, वक्त को भक्ति का दान दो के गीत से हुआ। समीर सारस्वत ने अपनी कविता दिल्ली दरबार का क्या विश्वास के हास्य व्यंग्य से श्रोताओं को खूब हंसाया। अहमद आजमी ने सच क्या है बता क्यों नहीं देते, हम बैहले तस्वीर नहीं देगे खुद अपने गुलामी की जंजीर नहीं देंगे। वहीं पूनम श्रीवास्तव ने अपने कविता में तुम अगर बंशी बनो तो रागिनी बन जाऊंगी, नाम पूनम मेरा चांदनी बन जाऊंगी के कविता से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हसन ने अपने कविता में खिलता हुआ गुलाब मेरा सोनभद्र हैं, आजाइए अनाब सोनभद्र है के गीत को विस्तार से सुनाया। रामबाबू सिकरवार घोटाले जो तुम कर डालो, जनता के पैसे से, तुमने खाई काजू पिस्ते पब्लिक खाती फाका सुनाया। नसीर जौनपुरी प्यार करना है तो पागल कर दो, तेरी याद में राया खत जलाने से पहले तथा डा. नम्रता ने अपनी कविता मेरी चाहत रंग मिल जाए, जैसे फागून में भंग मिल जाए सुनाया। डा. अनिल मिश्र ने धूप अंधरों में रखकर भले जाएंगे, हम तो गीतों को सुनाकर चले जाएंगे की कविता सुनाई। इसके पूर्व कौमी एकता समिति के अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने कवियों का स्वागत किया। इस दौरान सांसद पकौड़ी लाल कोल, सपा जिलाध्यक्ष श्यामबिहारी यादव, रामेश्वर यादव, सोबरन सोनवान, जुबेर आलम, संजय यादव आदि मौजूद रहे।
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, उपजिलाधिकारी रामअभिलाष, क्षेत्राधिकारी ललन यादव, नायब तहसीलदार राजाराम सहित तमाम अधिकारियाें के साथ मदनमोहन तिवारी, गौस मुहम्मद, दिनेश अग्रहरि, भूपेश चौबे, सुरेंद्र अग्रहरि, विपिन बिहारी, जयशंकर प्रसाद, रामपाल जौहरी सहित काफी संख्या में श्रोता मौजूद रहे। संचालन कमलेश राजहंश ने तथा अध्यक्षता पकौड़ीलाल कोल ने की।
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