{"_id":"63-81363","slug":"Sonbhadra-81363-63","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय किसान संघ का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय किसान संघ का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
Sonbhadra
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
सोनभद्र। भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बुधवार को किसान नेता सुशील मिश्र के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने हम भंडार भरेंगे लेकिन कीमत पूरी लेंगेे का नारा बुलंद किया।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संघ के काशी प्रांत के अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि पूर्वांचल में धान की खेती अच्छी होने के बावजूद किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्रय केंद्रों की अव्यवस्था से बिचौलियों को अपना धान काफी कम दाम पर बेचना पड़ता है। जिले में पिछले साल धान का भुगतान यूपी एग्रो द्वारा नहीं किया गया है। जिले के बडे़ भू-भाग में सिंचाई की व्यवस्था अब भी नहीं है। नगवां प्रणाली और घाघर मुख्य नहर के राजवाहों, माइनरों की हालत बहुत खराब है। उन्होंने जिले को बिजली कटौती मुक्त करने की मांग उठाई। प्रांत संरक्षक फूलचंद सिंह पटेल ने कहा कि कृषि उपजों का उत्पादन लागत लगातार बढ़ता जा रहा है। बाजार भाव नियंत्रक मानक पदार्थों के मूल्य और कृषि उपजों के मूल्य का संतुलन बिगड़ जाने से बीच का अंतर बहुत बढ़ गया है। पेयजल के बाद सिंचाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए लेकिन ऐसा न कर उद्योगों को पानी देने की प्राथमिकता तय की जाने लगी है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रांत संगठन मंत्री रामचेला सिंह ने कहा कि हर किसान नेता है। उसमें यह योग्यता होनी चाहिए कि वह अपनी परेशानी को संबंधित अधिकारी कर्मचारी से कह कर उसका समाधान करा सके। इसके लिए संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। सभा के बाद जिला प्रशासन को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामजी सिंह मौर्य व संचालन डा. सच्चिदानंद द्विवेदी ने किया। इस मौके पर रमाशंकर निषाद, सदानंद सिंह, अजय चतुर्वेदी, सियाराम सिंह, लवकुश पाठक, विमलेश सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह पटेल आदि ने भी विचार व्यक्त किया।
विज्ञापन
धरना सभा को संबोधित करते हुए संघ के काशी प्रांत के अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि पूर्वांचल में धान की खेती अच्छी होने के बावजूद किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्रय केंद्रों की अव्यवस्था से बिचौलियों को अपना धान काफी कम दाम पर बेचना पड़ता है। जिले में पिछले साल धान का भुगतान यूपी एग्रो द्वारा नहीं किया गया है। जिले के बडे़ भू-भाग में सिंचाई की व्यवस्था अब भी नहीं है। नगवां प्रणाली और घाघर मुख्य नहर के राजवाहों, माइनरों की हालत बहुत खराब है। उन्होंने जिले को बिजली कटौती मुक्त करने की मांग उठाई। प्रांत संरक्षक फूलचंद सिंह पटेल ने कहा कि कृषि उपजों का उत्पादन लागत लगातार बढ़ता जा रहा है। बाजार भाव नियंत्रक मानक पदार्थों के मूल्य और कृषि उपजों के मूल्य का संतुलन बिगड़ जाने से बीच का अंतर बहुत बढ़ गया है। पेयजल के बाद सिंचाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए लेकिन ऐसा न कर उद्योगों को पानी देने की प्राथमिकता तय की जाने लगी है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रांत संगठन मंत्री रामचेला सिंह ने कहा कि हर किसान नेता है। उसमें यह योग्यता होनी चाहिए कि वह अपनी परेशानी को संबंधित अधिकारी कर्मचारी से कह कर उसका समाधान करा सके। इसके लिए संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। सभा के बाद जिला प्रशासन को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामजी सिंह मौर्य व संचालन डा. सच्चिदानंद द्विवेदी ने किया। इस मौके पर रमाशंकर निषाद, सदानंद सिंह, अजय चतुर्वेदी, सियाराम सिंह, लवकुश पाठक, विमलेश सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह पटेल आदि ने भी विचार व्यक्त किया।
विज्ञापन