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कटान से बीना-अनपरा एचटी लाइन को खतरा
Sonbhadra
Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
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अनपरा। स्थानीय थानाक्षेत्र के कौवानाला से होकर जा रही बीना अनपरा 132 केवीए की पारेषण लाइन पर लैंको के निर्माणाधीन कोलयार्ड को बनाने के लिए बारह फीट तक मिट्टी की खोदाई होने के चलते जबरदस्त खतरा मंडरा रहा है।
इसको गंभीरता से लेते हुए ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने चिंता जताई है कि अगर बरसात होने के चलते मिट्टी का कटान अधिक हुआ तो कोलयार्ड के किनारे स्थित टावर ढह सकता है। यदि ऐसा हुआ तो बरसात में एनसीएल की यूपी स्थित ककरी, कृष्णशिला, बीना तथा खड़िया परियोजना का उत्पादन ही ठप हो सकता है। ऐसे में कोयले की बंपर किल्लत से जूझ रहे ऊर्जांचल के तापघर भी बंद हो सकते है।
बता दें अनपरा परिक्षेत्र के कौवा नाला पर लैंको का कोलयार्ड बन रहा है। कोलयार्ड को बनाने में मिट्टी को दस से बारह फीट तक बाहर निकाला गया है। मिट्टी निकालते समय 132 केवीए अनपरा-बीना पारेषण लाइन का ध्यान नहीं रखा गया। आलम यह है कि कोलयार्ड के लगभग तीन से चार फीट की दूरी पर पारेषण लाइन का एक टावर स्थित है, अगर बरसात अधिक हुई तो यह टावर गिर सकता है।
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ट्रांसमिशन विभाग के एसडीओ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि यह बहुत ही खतरनाक मामला है। बरसात के चलते अगर मिट्टी का कटान हुआ तो इस टावर को गिरने से कोई नहीं बचा सकता। अगर यह टावर क्षतिग्रस्त हुआ तो साथ वाले चार-पांच टावर और धराशायी हो सकते है।
ऐसे में यूपी में पड़ने वाले एनसीएल के सभी खदानों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी। श्री सिंह ने बताया कि इसकी सूचना अनपरा थाने सहित विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इस बाबत अनपरा के थानाध्यक्ष शिशिर त्रिवेदी ने बताया कि लैंको अनपरा को इस संबंध में नोटिस दे दी गई है।
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इसको गंभीरता से लेते हुए ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने चिंता जताई है कि अगर बरसात होने के चलते मिट्टी का कटान अधिक हुआ तो कोलयार्ड के किनारे स्थित टावर ढह सकता है। यदि ऐसा हुआ तो बरसात में एनसीएल की यूपी स्थित ककरी, कृष्णशिला, बीना तथा खड़िया परियोजना का उत्पादन ही ठप हो सकता है। ऐसे में कोयले की बंपर किल्लत से जूझ रहे ऊर्जांचल के तापघर भी बंद हो सकते है।
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बता दें अनपरा परिक्षेत्र के कौवा नाला पर लैंको का कोलयार्ड बन रहा है। कोलयार्ड को बनाने में मिट्टी को दस से बारह फीट तक बाहर निकाला गया है। मिट्टी निकालते समय 132 केवीए अनपरा-बीना पारेषण लाइन का ध्यान नहीं रखा गया। आलम यह है कि कोलयार्ड के लगभग तीन से चार फीट की दूरी पर पारेषण लाइन का एक टावर स्थित है, अगर बरसात अधिक हुई तो यह टावर गिर सकता है।
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ट्रांसमिशन विभाग के एसडीओ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि यह बहुत ही खतरनाक मामला है। बरसात के चलते अगर मिट्टी का कटान हुआ तो इस टावर को गिरने से कोई नहीं बचा सकता। अगर यह टावर क्षतिग्रस्त हुआ तो साथ वाले चार-पांच टावर और धराशायी हो सकते है।
ऐसे में यूपी में पड़ने वाले एनसीएल के सभी खदानों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी। श्री सिंह ने बताया कि इसकी सूचना अनपरा थाने सहित विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। इस बाबत अनपरा के थानाध्यक्ष शिशिर त्रिवेदी ने बताया कि लैंको अनपरा को इस संबंध में नोटिस दे दी गई है।