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थाने की फर्जी मुहर, दस्तावेज के साथ दो गिरफ्तार
Sonbhadra
Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
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अनपरा/सोनभद्र। अनपरा पुलिस ने शनिवार को फर्जी मुहर, दस्तावेज के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से थाने, जनप्रनिधियों, चिकित्सकों समेत कई कंपनियाें की मुहर और फर्जी तरीके से तैयार किया गया दस्तावेज बरामद हुआ है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।
यह जानकारी राबर्ट्सगंज कोतवाली परिसर में रविवार को पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि विगत दिनों शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच की जा रही थी। इसी क्रम में गुरुवार को अनपरा थाना क्षेत्र के रेहटा गांव निवासी अरुण कुमार विश्वकर्मा ने एक व्यक्ति से पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र बनवाने की बात कही, तो उसने अपने साथी से भेंट करा कर तत्काल प्रमाण पत्र बनवाने का सुझाव दिया। साथ ही 31 मई, 12 को दोनों व्यक्तियों ने अरुण से ढाई सौ रुपये लेकर 2 जून को उसे प्रमाण पत्र तैयार करके दे दिया।
अरुण ने लैंको कंपनी में जब प्रमाण पत्र जमा किया, तो पता चला कि सत्यापन फर्जी है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर फर्जी फार्म को कब्जे में लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी। कौआनाला के समीप शनिवार की सायं करीब सवा चार बजे थानाध्यक्ष शिशिर त्रिवेदी, एसआई नाथू यादव, धर्मराज यादव फोर्स के साथ फर्जी पुलिस प्रमाण पत्र बनाने वाले आदर्श नगर औड़ी निवासी मदन बैसवार व बिहार के रोहतास जिले के करगहा अंतर्गत उमेश पाठक को धर दबोचा। तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से थाना अनपरा समेत कई कार्यालयों के नाम की दर्जन भर से अधिक मोहरें और 24 सत्यापन पत्र भरे हुए मिले। एसपी ने दोनों को पकड़ने वाली टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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यह जानकारी राबर्ट्सगंज कोतवाली परिसर में रविवार को पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि विगत दिनों शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच की जा रही थी। इसी क्रम में गुरुवार को अनपरा थाना क्षेत्र के रेहटा गांव निवासी अरुण कुमार विश्वकर्मा ने एक व्यक्ति से पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र बनवाने की बात कही, तो उसने अपने साथी से भेंट करा कर तत्काल प्रमाण पत्र बनवाने का सुझाव दिया। साथ ही 31 मई, 12 को दोनों व्यक्तियों ने अरुण से ढाई सौ रुपये लेकर 2 जून को उसे प्रमाण पत्र तैयार करके दे दिया।
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अरुण ने लैंको कंपनी में जब प्रमाण पत्र जमा किया, तो पता चला कि सत्यापन फर्जी है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर फर्जी फार्म को कब्जे में लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी। कौआनाला के समीप शनिवार की सायं करीब सवा चार बजे थानाध्यक्ष शिशिर त्रिवेदी, एसआई नाथू यादव, धर्मराज यादव फोर्स के साथ फर्जी पुलिस प्रमाण पत्र बनाने वाले आदर्श नगर औड़ी निवासी मदन बैसवार व बिहार के रोहतास जिले के करगहा अंतर्गत उमेश पाठक को धर दबोचा। तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से थाना अनपरा समेत कई कार्यालयों के नाम की दर्जन भर से अधिक मोहरें और 24 सत्यापन पत्र भरे हुए मिले। एसपी ने दोनों को पकड़ने वाली टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
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