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बाइक की डिग्गी में मिली सरकारी दवा
Sonbhadra
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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रामगढ़। क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों में लोगों को बांटने वाली दवाएं बाजार में बेची जा रही हैं। अस्पताल कर्मियों की सहायता से इसे गायब किया जा रहा है। इसका खुलासा शनिवार को उस समय हुआ जब वाहन चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार के बैग में बड़ी मात्रा में सरकारी अस्पताल की दवा मिली। मौका देखकर वाहन चालक फरार हो गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
रोज की भांति पुलिस द्वारा सड़क पर वाहन चेकिंग की जा रही थी। पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे तियरा स्थित वन रेंज कार्यालय के समीप बाइक से एक व्यक्ति आता दिखा। उसे रोककर उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में दवाइयां मिलीं। दवाइयां सरकारी अस्पताल में उपयोग के लिए थी। यह देख पुलिस वाले भी हैरान रह गए। पुलिस ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। इसी बीच मौका देख कर बाइक सवार बैग और मोबाइल फोन तथा बाइक छोड़ फरार हो गया। मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने दवाइयों की जांच के बाद बताया कि दवाइयां सरकारी अस्पताल में मरीजों को बांटने के लिए थी। इसे गलत ढंग से ले जाया जा रहा था। हालाकि इसकी पूरी जांच करायी जाएगी। कुछ सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान सरकारी दवाइयों के साथ पकड़े गए व्यक्ति को बाइक के साथ थाने ले गई थी। पुलिस आगे की कार्रवाई करती तभी वह मौका देख कर वह थाने में बाइक, बैग, मोबाइल आदि छोड़ कर भाग गया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में निजी चिकित्सकों के यहां सरकारी दवाइयां मिल रही है। यह दवा भी चिकित्सक को देने के लिए ले जाई जा रही थी।
इस संबंध में बाइक पकड़ने वाले उपनिरीक्षक हरिशंकर सिंह पटेल ने कहा कि मामले की विवेचना की जा रही है। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ 419, 420, 274, 27/411, 414 आइपीसी, 18सी27 मेडिसीन एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
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रोज की भांति पुलिस द्वारा सड़क पर वाहन चेकिंग की जा रही थी। पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे तियरा स्थित वन रेंज कार्यालय के समीप बाइक से एक व्यक्ति आता दिखा। उसे रोककर उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में दवाइयां मिलीं। दवाइयां सरकारी अस्पताल में उपयोग के लिए थी। यह देख पुलिस वाले भी हैरान रह गए। पुलिस ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। इसी बीच मौका देख कर बाइक सवार बैग और मोबाइल फोन तथा बाइक छोड़ फरार हो गया। मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने दवाइयों की जांच के बाद बताया कि दवाइयां सरकारी अस्पताल में मरीजों को बांटने के लिए थी। इसे गलत ढंग से ले जाया जा रहा था। हालाकि इसकी पूरी जांच करायी जाएगी। कुछ सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान सरकारी दवाइयों के साथ पकड़े गए व्यक्ति को बाइक के साथ थाने ले गई थी। पुलिस आगे की कार्रवाई करती तभी वह मौका देख कर वह थाने में बाइक, बैग, मोबाइल आदि छोड़ कर भाग गया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में निजी चिकित्सकों के यहां सरकारी दवाइयां मिल रही है। यह दवा भी चिकित्सक को देने के लिए ले जाई जा रही थी।
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इस संबंध में बाइक पकड़ने वाले उपनिरीक्षक हरिशंकर सिंह पटेल ने कहा कि मामले की विवेचना की जा रही है। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ 419, 420, 274, 27/411, 414 आइपीसी, 18सी27 मेडिसीन एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
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