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मौसम के करवट लेते ही किसान हुए चिंतित
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सोनभद्र। पिछले 24 घंटे से मौसम का रुख बदलने से रुक-रुक बूंदाबांदी हो रही है। इससे खेतों में बोई गई मसूर, चना, मटर समेत अन्य फसलें खराब होने लगी है। साथ ही खलिहानों में रखे फसलों के बर्बाद होने की भी संभावना बढ़ गई है। इससे किसान चिंतित हो उठे हैं। बूंदाबांदी से गलन एवं ठंडक ने भी दस्तक दे दी है। अचानक ठंड बढ़ने से लोग परेशान रहे।
शनिवार की रात करीब 10 बजे अचानक तड़क-गरज के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गई। यह देख किसानों के होश उड़ गए। उनको ओला पड़ने का डर सताने लगा। हालांकि ओला नहीं पड़ा, लेकिन रविवार को भी पूरे दिन रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। बारिश होने से खेतों और खलिहानों में पड़े मटर, मसूर, चना, सरसों समेत अन्य तिलहनी फसलों के नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। किसान रमेश पांडेय, सतीश, फूल सिंह, राधेश्याम मिश्रा, विनय श्रीवास्तव का कहना है कि अगर दो-दिन तक बूंदाबांदी होती रही तो फसल पूर्णरूप से बर्बाद हो जाएगी। वहीं, अचानक ठंड बढ़ने से भी लोग परेशान रहे। ठंड को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। नगरवासियों ने जिला प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की मांग की है।
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शनिवार की रात करीब 10 बजे अचानक तड़क-गरज के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गई। यह देख किसानों के होश उड़ गए। उनको ओला पड़ने का डर सताने लगा। हालांकि ओला नहीं पड़ा, लेकिन रविवार को भी पूरे दिन रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। बारिश होने से खेतों और खलिहानों में पड़े मटर, मसूर, चना, सरसों समेत अन्य तिलहनी फसलों के नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। किसान रमेश पांडेय, सतीश, फूल सिंह, राधेश्याम मिश्रा, विनय श्रीवास्तव का कहना है कि अगर दो-दिन तक बूंदाबांदी होती रही तो फसल पूर्णरूप से बर्बाद हो जाएगी। वहीं, अचानक ठंड बढ़ने से भी लोग परेशान रहे। ठंड को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। नगरवासियों ने जिला प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की मांग की है।
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