{"_id":"5c6eeeb6bdec224d9d1964c8","slug":"91550773942-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा के खाते में गई राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा के खाते में गई राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीति दलों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। इस आम चुनाव के लिए सपा और बसपा में हुए गठबंधन के बाद आखिरकार दोनों दलों ने सीटों का बंटवारा कर लिया। इसके तहत राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट सपा के खाते में आई है। इसके साथ ही मिर्जापुर, चंदौली और वाराणसी जैसे जिलों में भी सपा को सीटें मिलने से कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
लोकसभा चुनाव की रणभेरी कभी भी बज सकती है। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज चल रही हैं। वहीं राजनीतिक दलों में भी चुनाव को लेकर तैयारी चल रही है। सपा और बसपा ने आम चुनाव को लेकर आपस में यूपी में गठबंधन किया है। इस गठबंधन के बाद से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी। बसपा की ओर से पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार को लोकसभा सीट का प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा भी चल रही थी। इसी के तहत पार्टी के कार्यकर्ता जोर शोर से तैयारी भी कर रहे थे और जगह-जगह पार्टी की बैठकें भी हो रही थीं। उधर, सपा कार्यकर्ता भी चुनाव को लेकर तैयारी में जुटे हुए हैं लेकिन यह तय नहीं हो सका था कि लोकसभा सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी। बृहस्पतिवार को सपा और बसपा के मुखिया ने आपसी समझौते के तहत सीटों का बंटवारा कर लिया। इस तरह यूपी की सबसे आखिरी राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई है। इस संबंध में बसपा के जिलाध्यक्ष बी. सागर का कहना है कि सपा और बसपा ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। इसके तहत साझा प्रत्याशी घोषित होगा। दोनों दलों ने सपा को राबर्ट्सगंज सीट दिया है। बसपा के कार्यकर्ता पूरे जोश और उत्साह के साथ सपा के प्रत्याशी का चुनाव प्रचार करेंगे और प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। उधर सपा के जिलाध्यक्ष विजय यादव का कहना है कि सपा और बसपा के मुखिया ने जो फैसला दिया है उसका स्वागत है। दोनों दलों के कार्यकर्ता एक होकर चुनाव लड़ रहे हैं और इसका सार्थक परिणाम चुनाव में मिलेगा। यह सीट सपा-बसपा गठबंधन के खाते में जाएगी।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव की रणभेरी कभी भी बज सकती है। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज चल रही हैं। वहीं राजनीतिक दलों में भी चुनाव को लेकर तैयारी चल रही है। सपा और बसपा ने आम चुनाव को लेकर आपस में यूपी में गठबंधन किया है। इस गठबंधन के बाद से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी। बसपा की ओर से पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार को लोकसभा सीट का प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा भी चल रही थी। इसी के तहत पार्टी के कार्यकर्ता जोर शोर से तैयारी भी कर रहे थे और जगह-जगह पार्टी की बैठकें भी हो रही थीं। उधर, सपा कार्यकर्ता भी चुनाव को लेकर तैयारी में जुटे हुए हैं लेकिन यह तय नहीं हो सका था कि लोकसभा सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी। बृहस्पतिवार को सपा और बसपा के मुखिया ने आपसी समझौते के तहत सीटों का बंटवारा कर लिया। इस तरह यूपी की सबसे आखिरी राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई है। इस संबंध में बसपा के जिलाध्यक्ष बी. सागर का कहना है कि सपा और बसपा ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। इसके तहत साझा प्रत्याशी घोषित होगा। दोनों दलों ने सपा को राबर्ट्सगंज सीट दिया है। बसपा के कार्यकर्ता पूरे जोश और उत्साह के साथ सपा के प्रत्याशी का चुनाव प्रचार करेंगे और प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। उधर सपा के जिलाध्यक्ष विजय यादव का कहना है कि सपा और बसपा के मुखिया ने जो फैसला दिया है उसका स्वागत है। दोनों दलों के कार्यकर्ता एक होकर चुनाव लड़ रहे हैं और इसका सार्थक परिणाम चुनाव में मिलेगा। यह सीट सपा-बसपा गठबंधन के खाते में जाएगी।
विज्ञापन