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लापरवाही से भींग गया 560 बोरी चावल
Updated Sat, 05 May 2018 01:32 AM IST
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सोनभद्र । खून पसीना बहाकर उपज पैदा करने वाले किसान के अन्न की कद्र नहीं की जा रही है। इसका ताजा उदाहरण एफसीआई गोदाम भेजा गया दो ट्रक चावल है। खुले आसमान के नीचे 560 बोरा चावल रखने से वह भींग गया। इसको लेकर मिलरों में काफी नाराजगी है और आंदोलन की चेतावनी दे रहे है।
पीसीेफ ने मेसर्स लाल प्रताप सिंह राइस मिल को धान दिया था। मिलर ने चावल तैयार करने के बाद 29 अप्रैल को उसे एफसीआई के लोढ़ी स्थित गोदाम पर पहुंचा दिया। मिलर का आरोप है कि दो ट्रक से कुल 560 बोरी चावल एफसीआई पहुंचा। वहां मौजूद अधिकारियों ने चालक की सारी बोरी खुले आसमान के नीचे उतरवा कर चट्टा लगा दिया। जबकि इसका उसने विरोध किया लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी, जबकि चावल को गोदाम के बाहर बने प्लेटफार्म पर रखना चाहिए था। बीते गुरुवार की रात आई आंधी के दौरान हुई बरसात से चावल भींग गया और सारा चावल बरबाद हो गया। इस वाकये के बाद एफसीआई के गोदाम के इंचार्ज व तकनीकी सहायक की नींद उड़ गई और अपने बचाव के लिए सारे ठिकरा राइस मिलर पर फोड़ने लगे। इधर राइस मिलरों ने भी इस घटना के बाद मोर्चा खोल दिया है। चेतावनी दी गई है कि राइस मिलर का उत्पीड़न किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
यूपी राइस मिलर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि चावल के खराब होने की सारी जिम्मेदारी एफसीआी के गोदाम इंचार्ज और तकनीकी सहायक की है। यदि ठिकरा मिलर पर फोड़ा गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। यदि चावल खराब हुआ है तो बड़ी बात है। इस मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पीसीेफ ने मेसर्स लाल प्रताप सिंह राइस मिल को धान दिया था। मिलर ने चावल तैयार करने के बाद 29 अप्रैल को उसे एफसीआई के लोढ़ी स्थित गोदाम पर पहुंचा दिया। मिलर का आरोप है कि दो ट्रक से कुल 560 बोरी चावल एफसीआई पहुंचा। वहां मौजूद अधिकारियों ने चालक की सारी बोरी खुले आसमान के नीचे उतरवा कर चट्टा लगा दिया। जबकि इसका उसने विरोध किया लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी, जबकि चावल को गोदाम के बाहर बने प्लेटफार्म पर रखना चाहिए था। बीते गुरुवार की रात आई आंधी के दौरान हुई बरसात से चावल भींग गया और सारा चावल बरबाद हो गया। इस वाकये के बाद एफसीआई के गोदाम के इंचार्ज व तकनीकी सहायक की नींद उड़ गई और अपने बचाव के लिए सारे ठिकरा राइस मिलर पर फोड़ने लगे। इधर राइस मिलरों ने भी इस घटना के बाद मोर्चा खोल दिया है। चेतावनी दी गई है कि राइस मिलर का उत्पीड़न किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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यूपी राइस मिलर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि चावल के खराब होने की सारी जिम्मेदारी एफसीआी के गोदाम इंचार्ज और तकनीकी सहायक की है। यदि ठिकरा मिलर पर फोड़ा गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। यदि चावल खराब हुआ है तो बड़ी बात है। इस मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।