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शव लेकर एंबुलेंस का इंतजार करती रही विवाहिता
Updated Sat, 21 Apr 2018 11:12 PM IST
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सोनभद्र। जिला संयुक्त चिकित्सालय में शुक्रवार की रात मानवता तार-तार हो गई। यहां विवाहिता सोमा अपने नवजात शिशु का शव लेकर घर जाने के लिए घंटों एंबुलेंस का इंतजार करती रही। अस्पताल में मौजूद लोगों ने पीड़िता को एंबुलेंस मुहैया कराने के लिए 102 नंबर पर कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने जाने से इंकार कर दिया। कांग्रेस नेता शत्रुंजय मिश्रा ने आटो का इंतजाम कर विवाहिता और उसके परिजनों को को उसके घर भेजवाया।
जिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर रात नौ बजे बिलख रहे जुगैल थाना क्षेत्र के चौरा गांव निवासी बाबूलाल ने बताया कि उसकी बेटी की शादी जिले से सटे मध्य प्रदेश के चितरंगी जिले के सैलवार गांव में हुई थी। वर्तमान में उसकी बेटी उसके घर रह रही है। दो दिन पूर्व नवजात को जन्म दिया, लेकिन उसकी मौत हो गई। अब घर जाने के लिए बाप-बेटी एंबुलेंस की मांग कर रहे थे, लेकिन एंबुलेंस कर्मी उन्हें पहुंचाने से इंकार कर रहे थे। उसके पास निजी साधन का इंतजाम कर घर जाने के लिए रुपये नहीं थे। वहीं, बेटी शव से लिपटकर रोते-रोते अचेत हो जा रही थी। कांग्रेस नेता शत्रुंजय मिश्रा ने पीड़िता को उसके घर तक पहुंचाने के लिए 102 नंबर कॉल किया। लेकिन घंटों परेशान होने के बाद भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई। रात करीब साढ़े 11 बजे शत्रुंजय ने आटो बुक कर दोनों को उसके परिवार वालों को घर भेजवाया। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि पीड़िता को किन परिस्थितियों में एंबुलेंस मुहैया नहीं हुई इस संबंध में एंबुलेंस प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगेंगे।
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जिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर रात नौ बजे बिलख रहे जुगैल थाना क्षेत्र के चौरा गांव निवासी बाबूलाल ने बताया कि उसकी बेटी की शादी जिले से सटे मध्य प्रदेश के चितरंगी जिले के सैलवार गांव में हुई थी। वर्तमान में उसकी बेटी उसके घर रह रही है। दो दिन पूर्व नवजात को जन्म दिया, लेकिन उसकी मौत हो गई। अब घर जाने के लिए बाप-बेटी एंबुलेंस की मांग कर रहे थे, लेकिन एंबुलेंस कर्मी उन्हें पहुंचाने से इंकार कर रहे थे। उसके पास निजी साधन का इंतजाम कर घर जाने के लिए रुपये नहीं थे। वहीं, बेटी शव से लिपटकर रोते-रोते अचेत हो जा रही थी। कांग्रेस नेता शत्रुंजय मिश्रा ने पीड़िता को उसके घर तक पहुंचाने के लिए 102 नंबर कॉल किया। लेकिन घंटों परेशान होने के बाद भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई। रात करीब साढ़े 11 बजे शत्रुंजय ने आटो बुक कर दोनों को उसके परिवार वालों को घर भेजवाया। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि पीड़िता को किन परिस्थितियों में एंबुलेंस मुहैया नहीं हुई इस संबंध में एंबुलेंस प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगेंगे।
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