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अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में इंद्रेश का परचम
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:01 PM IST
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चोपन। जिले के युवा संगीतज्ञ इंद्रेश मिश्रा ने (प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद की तरफ से आयोजित अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। गत बुधवार को हुई प्रतियोगिता में उसने प्रथम स्थान हासिल कर जनपद के साथ ही प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।
इलाहाबाद में आयोजित 59वीं अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में युवा वर्ग से पूरे भारत वर्ष से संगीतकार आए हुए थे। इस दौरान ख्याल गायकी (शास्त्रीय गायन) में इंद्रेश ने पहला स्थान हासिल किया। 1926 से हो रही इस प्रतियोगिता में देश विदेश के लाखों संगीतज्ञ भाग लेते हैं। विजेता पुरस्कार 21 फरवरी को यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम में दिया जाएगा।
इस बड़ी उपलब्धि के बाद इंद्रेश जहां संगीत के क्षेत्र में जिले के युवाओं के आदर्श बन गए हैं। वहीं शास्त्रीय संगीत के नए पोषक के रूप में उभरकर सामने आए हैं। बता दें कि रेणुकूट निवासी इंद्रेश ने संगीत की प्राथमिक शिक्षा अपने पिता संगीत शिक्षक उमा नाथ मिश्र से सिखी। ख्याल, ठुमरी दादरा, चैती आदि गायन में प्रवीणता हासिल करने के बाद पद्मभूषण छन्नूलाल मिश्र से संगीत की दीक्षा ली। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक उपलब्धि जारी रखी। इसके लिए वह तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से सम्मानित हो चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के सामने भी वह अपने गायन कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।
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इलाहाबाद में आयोजित 59वीं अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में युवा वर्ग से पूरे भारत वर्ष से संगीतकार आए हुए थे। इस दौरान ख्याल गायकी (शास्त्रीय गायन) में इंद्रेश ने पहला स्थान हासिल किया। 1926 से हो रही इस प्रतियोगिता में देश विदेश के लाखों संगीतज्ञ भाग लेते हैं। विजेता पुरस्कार 21 फरवरी को यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम में दिया जाएगा।
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इस बड़ी उपलब्धि के बाद इंद्रेश जहां संगीत के क्षेत्र में जिले के युवाओं के आदर्श बन गए हैं। वहीं शास्त्रीय संगीत के नए पोषक के रूप में उभरकर सामने आए हैं। बता दें कि रेणुकूट निवासी इंद्रेश ने संगीत की प्राथमिक शिक्षा अपने पिता संगीत शिक्षक उमा नाथ मिश्र से सिखी। ख्याल, ठुमरी दादरा, चैती आदि गायन में प्रवीणता हासिल करने के बाद पद्मभूषण छन्नूलाल मिश्र से संगीत की दीक्षा ली। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक उपलब्धि जारी रखी। इसके लिए वह तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से सम्मानित हो चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के सामने भी वह अपने गायन कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।
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