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खनन अधिकारी का फूंका पुतला
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:44 AM IST
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बिल्ली गांव में बस्ती के पास खनन शुरू होने को लेकर ग्रामीण एक बार फिर भड़क उठे हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने बिल्ली स्टेशन तिराहे पर प्रदर्शन किया और खनन अधिकारी का पुतला फूंक कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने खनन तत्काल बंद कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्टेशन के पास रहवासी बस्ती के समीप हो रहे खनन से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। आए दिन ब्लास्टिंग में पत्थरों से जानमान का खतरा बना रहता है। पिछले कुछ माह पहले तक इस खदान पर सेक्शन 22(3) लगा था, लेकिन न जाने किन वजहों से वहां खनन पुन: चालू हो गया। ग्रामीणों ने डीएम ने को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि खदान के पास विगत 27 फरवरी 2012 को हुए खनन हादसे में दस मजदूरों की जान चली गई थी। यदि इस खदान में किसी प्रकार का हादसा होता है तो जिम्मेदार कौन होगा। ग्रामीणों ने इसकी जांच कराने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम पंचायत सदस्य राधेश्याम, मोनू, अजीत कनौजिया, दीपक गुप्ता, अमरजीत, दिनेश, रितेश, अमर, हरिश्चंद्र यादव, रघुवीर पासवान, कन्हैया, शमशेर खां, विकास भारती शामिल रहे।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्टेशन के पास रहवासी बस्ती के समीप हो रहे खनन से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। आए दिन ब्लास्टिंग में पत्थरों से जानमान का खतरा बना रहता है। पिछले कुछ माह पहले तक इस खदान पर सेक्शन 22(3) लगा था, लेकिन न जाने किन वजहों से वहां खनन पुन: चालू हो गया। ग्रामीणों ने डीएम ने को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि खदान के पास विगत 27 फरवरी 2012 को हुए खनन हादसे में दस मजदूरों की जान चली गई थी। यदि इस खदान में किसी प्रकार का हादसा होता है तो जिम्मेदार कौन होगा। ग्रामीणों ने इसकी जांच कराने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम पंचायत सदस्य राधेश्याम, मोनू, अजीत कनौजिया, दीपक गुप्ता, अमरजीत, दिनेश, रितेश, अमर, हरिश्चंद्र यादव, रघुवीर पासवान, कन्हैया, शमशेर खां, विकास भारती शामिल रहे।
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