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प्रधान ने हड़प लिया हौसला पोषण योजना का धन
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:32 PM IST
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सोनभद्र। सदर ब्लॉक के करारी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान ने हौसला पोषण योजना का धन हड़प लिया। योजना का 4750 रुपये बर्तन खरीद और मीनू लिखवाने के लिए था। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इसकी जांच कराई तो धन निकालकर उसका दुरुपयोग करने का मामला खुल गया। इस पर डीपीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी को प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से हौसला पोषण योजना संचालित है। इस योजना के तहत गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ ही कुपोषित बच्चों को पोषाहार दिया जाता है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व ग्राम प्रधान को संयुक्त खाते से हस्ताक्षर कर धन निकालना होता है। योजना से बर्तन आदि की भी खरीद की जाती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य करारी नीरज तिवारी ने डीपीओ को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि करारी ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान ने योजना की धनराशि का दुरुपयोग कर लिया है। इस पर डीपीओ ने मामले की जांच बालि विकास परियोजना अधिकारी राबर्ट्सगंज से कराई। जांच में शिकायत की पुष्टि हो गई। इस पर डीपीओ ने डीपीआरओ को प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। डीपीओ ने लिया है कि ग्राम प्रधान ने योजना का 4750 रुपये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से हस्ताक्षर कराकर निकाल लिया, लेकिन नियमानुसार उसका व्यय निर्धारित मदों में नहीं किया। धनराशि आहरण करने की पुष्टि बैंक स्टेटमेंट से किया गया है। ग्राम प्रधान को शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया है। उन्होंने डीपीआरओ को अपने स्तर से धनराशि की रिकवरी कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। उधर, डीपीआरओ आरके भारती का कहना है कि इस पर कार्रवाई की जाएगी।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से हौसला पोषण योजना संचालित है। इस योजना के तहत गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ ही कुपोषित बच्चों को पोषाहार दिया जाता है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व ग्राम प्रधान को संयुक्त खाते से हस्ताक्षर कर धन निकालना होता है। योजना से बर्तन आदि की भी खरीद की जाती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य करारी नीरज तिवारी ने डीपीओ को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि करारी ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान ने योजना की धनराशि का दुरुपयोग कर लिया है। इस पर डीपीओ ने मामले की जांच बालि विकास परियोजना अधिकारी राबर्ट्सगंज से कराई। जांच में शिकायत की पुष्टि हो गई। इस पर डीपीओ ने डीपीआरओ को प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। डीपीओ ने लिया है कि ग्राम प्रधान ने योजना का 4750 रुपये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से हस्ताक्षर कराकर निकाल लिया, लेकिन नियमानुसार उसका व्यय निर्धारित मदों में नहीं किया। धनराशि आहरण करने की पुष्टि बैंक स्टेटमेंट से किया गया है। ग्राम प्रधान को शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया है। उन्होंने डीपीआरओ को अपने स्तर से धनराशि की रिकवरी कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। उधर, डीपीआरओ आरके भारती का कहना है कि इस पर कार्रवाई की जाएगी।
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