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परलोकवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उठाते रहे मानदेय
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:27 PM IST
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सोनभद्र। बाल विकास पुष्टाहार विभाग से उन कार्यकर्ताओं के खातों में धन भेजने का खुलासा हुआ है जिन्होंने या तो त्यागपत्र दे दिया है या उनकी मौत हो चुकी है। जांच के बाद डीपीओ अजीत सिंह ने ऐसे खातों और कार्यकर्ताओं के मानदेय पर रोक लगा दी है। घोटाले के खुलासे के ाबद मानदेय की रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डीपीओ अजीत सिंह को शिकायत मिली कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गलत ढंग से मानदेय निकलवा रही हैं। इस पर जांच की गई तो शिकायत सही मिली। डीपीओ ने बताया कि जुलाई 2015 में परसौटी गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धनपति देवी, वर्ष 2011 में कुसी की कार्यकर्ता रेखा की मौत हो चुकी है। इनके अलावा दिसंबर 2010 में कुरूहुल की कार्यकर्ता संगीता, सलखन की अनीता जायसवाल त्यागपत्र, जून 2013 से बुड़हर की कार्यकर्ता निर्मला और अगस्त 2014 से तरावा की सुभांशी देवी काम नहीं कर रही हैं। इसके बावजूद विभाग के कुछ लोग मृत, त्यागपत्र और काम न करने वालों के खाते में मानदेय भेजते रहे। बताया कि मृतकों एवं काम न करने वालों के खातों से लाखों रुपये धन की निकासी भी कर ली गई है। बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी विनित सिंह को संबंधित सीडीपीओ और मानदेय निकालने वालों से धन की रिकवरी कराने का निर्देश दिया गया है। कहा कि सरकारी धन का बंदरबाट करने वालों के विरूद्ध विधिक कार्रवाई भी कराई जाएगी।
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डीपीओ अजीत सिंह को शिकायत मिली कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गलत ढंग से मानदेय निकलवा रही हैं। इस पर जांच की गई तो शिकायत सही मिली। डीपीओ ने बताया कि जुलाई 2015 में परसौटी गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धनपति देवी, वर्ष 2011 में कुसी की कार्यकर्ता रेखा की मौत हो चुकी है। इनके अलावा दिसंबर 2010 में कुरूहुल की कार्यकर्ता संगीता, सलखन की अनीता जायसवाल त्यागपत्र, जून 2013 से बुड़हर की कार्यकर्ता निर्मला और अगस्त 2014 से तरावा की सुभांशी देवी काम नहीं कर रही हैं। इसके बावजूद विभाग के कुछ लोग मृत, त्यागपत्र और काम न करने वालों के खाते में मानदेय भेजते रहे। बताया कि मृतकों एवं काम न करने वालों के खातों से लाखों रुपये धन की निकासी भी कर ली गई है। बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी विनित सिंह को संबंधित सीडीपीओ और मानदेय निकालने वालों से धन की रिकवरी कराने का निर्देश दिया गया है। कहा कि सरकारी धन का बंदरबाट करने वालों के विरूद्ध विधिक कार्रवाई भी कराई जाएगी।
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