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851 स्कूलों में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा एमडीएम
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:25 PM IST
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जिले के राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गैस चूल्हे पर मिड डे मील बनाना है। लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग की लापरवाही से जनपद के 851 विद्यालयों में लकड़ी के चूल्हे पर मध्यान्ह भोजन बनाया जा रहा है। कई स्कूलों मेें गैस सिलेंडर होने के बाद भी लकड़ी के ही चूल्हे पर खाना तैयार हो रहा है। धुएं से फैलने वाले प्रदूषण से बच्चों, शिक्षकों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारी होने का खतरा बढ़ गया है।
जनपद में 1804 प्राथमिक विद्यालय और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में सिलेंडर पर एमडीएम का भोजन पकाकर बच्चों को देना है। अधिकांश स्कूलों में गैस चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय गुल्लीडाड़, बभनवल, नेवारी, डोमरिया, शिवद्वार, पलौली, बकौली, सिलवर, बरौली, दुगौलिया, सिरसाई, जमगांव, रघुनाथपुर, जुडौली, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैडाड़, घोरावल, शिवद्वार, खड़देऊर, तिलौली, नौगवां जमगांव, जुडौली, खजुरी समेत 851 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में लकड़ी के चूल्हे पर भोजन पकाया जा रहा है। शासन के रोक के बावजूद लकड़ी के चूल्हे पर मध्यान्ह भोजन बनाया जा रहा। ऐसे में लकड़ी के चूल्हे से निकलने वाले धुएं का असर शिक्षकों और बच्चों के सेहत पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। बावजूद इसके कई स्कूलों में सिलेंडर होने के बाद भी लकड़ी चूल्हे पर भोजन तैयार हो रहा है। लेकिन, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी धुएं से निजात दिलाने की दिशा में ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गोरखनाथ पटेल ने कहा कि राबर्ट्र्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील के लगभग 851 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। लेकिन जल्द ही इन स्कुलों में गैस चूल्हों की सुविधाएं उपलब्ध कराया जाएगा।
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जनपद में 1804 प्राथमिक विद्यालय और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में सिलेंडर पर एमडीएम का भोजन पकाकर बच्चों को देना है। अधिकांश स्कूलों में गैस चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय गुल्लीडाड़, बभनवल, नेवारी, डोमरिया, शिवद्वार, पलौली, बकौली, सिलवर, बरौली, दुगौलिया, सिरसाई, जमगांव, रघुनाथपुर, जुडौली, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बैडाड़, घोरावल, शिवद्वार, खड़देऊर, तिलौली, नौगवां जमगांव, जुडौली, खजुरी समेत 851 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में लकड़ी के चूल्हे पर भोजन पकाया जा रहा है। शासन के रोक के बावजूद लकड़ी के चूल्हे पर मध्यान्ह भोजन बनाया जा रहा। ऐसे में लकड़ी के चूल्हे से निकलने वाले धुएं का असर शिक्षकों और बच्चों के सेहत पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। बावजूद इसके कई स्कूलों में सिलेंडर होने के बाद भी लकड़ी चूल्हे पर भोजन तैयार हो रहा है। लेकिन, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी धुएं से निजात दिलाने की दिशा में ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गोरखनाथ पटेल ने कहा कि राबर्ट्र्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील के लगभग 851 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। लेकिन जल्द ही इन स्कुलों में गैस चूल्हों की सुविधाएं उपलब्ध कराया जाएगा।
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