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शौचालय निर्माण में गड़बड़ी पर टेढ़ा का खाता सीज
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:41 AM IST
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जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने दुद्धी ब्लॉक के ग्राम पंचायत टेढा का खाता तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है। उन्होंने यह कार्रवाई यहां शौचालयों के निर्माण में गड़बड़ी पर की है। प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर चेताया है कि यदि शौचालयों के निर्माण के लिए आहरित दस लाख रुपये की धनराशि 16 दिसंबर तक ग्राम पंचायत के निधि छह खाते में नहीं जमा की गई तो ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय प्रशासनिक समिति के गठन का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेज दिया जाएगा।
डीपीआरओ ने बताया कि टेढ़ा ग्राम पंचायत को वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में 240 शौचालयों के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये प्रति शौचालय के दर से 28.80 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया था। संज्ञान में आया कि शौचालय निर्माण में रुचि नहीं ली जा रही है और जो शौचालय बनाये जा रहे हैं, उसकी गुणवत्ता भी खराब है। इसकी जांच के लिए जिला स्वच्छ भारत प्रेरक हर्ष शर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें एडीओ पंचायत दुद्धी, नीर निर्मल परियोजना के जिला कंसल्टेंट रवि उपाध्याय, पारसनाथ जायसवाल व खंड प्रेरक नीरज को नामित किया गया। टीम ने गांव में निर्मित शौचालयों का सत्यापन किया। इसमें पाया गया कि 240 शौचालयों की तुलना में महज 58 शौचालय पूर्ण कराये गए हैं। इस पर 6.96 लाख व्यय किया गया है। 96 शौचालय निर्माणाधीन है, जिसका मात्र सुपर स्ट्रक्चर खड़ा किया गया है। इस पर औसतन 5.76 लाख व्यय किया गया है। निधि छह में महज छह लाख शेष है। अभी तक 86 शौचालयों का निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। शौचालयों के निर्माण के लिए प्रदत्त धनराशि 28.80 लाख की तुलना में अभी तक जो शौचालय निर्माण कराया गया है उन पर औसतन 12.72 लाख व्यय किया गया है। छह लाख खाते में अवशेष पड़ा है। डीपीआरओ ने बताया कि व्यय की गई धनराशि तथा खाते में पड़ी धनराशि को मिलाकर 18.72 लाख होता है जबकि इसके विपरीत खाते से 10 लाख रुपये अधिक निकासी की गई है। इस तरह दस लाख रुपये का गबन किया गया है। सेक्रेटरी, प्रधान को चेताया है कि यदि 16 दिसंबर तक दस लाख रुपये निधि छह में जमा नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत के कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय प्रशासनिक समिति का गठन का प्रस्ताव डीएम को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के खाते को तत्काल प्रभाव से सीज भी कर दिया गया है।
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डीपीआरओ ने बताया कि टेढ़ा ग्राम पंचायत को वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में 240 शौचालयों के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये प्रति शौचालय के दर से 28.80 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया था। संज्ञान में आया कि शौचालय निर्माण में रुचि नहीं ली जा रही है और जो शौचालय बनाये जा रहे हैं, उसकी गुणवत्ता भी खराब है। इसकी जांच के लिए जिला स्वच्छ भारत प्रेरक हर्ष शर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें एडीओ पंचायत दुद्धी, नीर निर्मल परियोजना के जिला कंसल्टेंट रवि उपाध्याय, पारसनाथ जायसवाल व खंड प्रेरक नीरज को नामित किया गया। टीम ने गांव में निर्मित शौचालयों का सत्यापन किया। इसमें पाया गया कि 240 शौचालयों की तुलना में महज 58 शौचालय पूर्ण कराये गए हैं। इस पर 6.96 लाख व्यय किया गया है। 96 शौचालय निर्माणाधीन है, जिसका मात्र सुपर स्ट्रक्चर खड़ा किया गया है। इस पर औसतन 5.76 लाख व्यय किया गया है। निधि छह में महज छह लाख शेष है। अभी तक 86 शौचालयों का निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। शौचालयों के निर्माण के लिए प्रदत्त धनराशि 28.80 लाख की तुलना में अभी तक जो शौचालय निर्माण कराया गया है उन पर औसतन 12.72 लाख व्यय किया गया है। छह लाख खाते में अवशेष पड़ा है। डीपीआरओ ने बताया कि व्यय की गई धनराशि तथा खाते में पड़ी धनराशि को मिलाकर 18.72 लाख होता है जबकि इसके विपरीत खाते से 10 लाख रुपये अधिक निकासी की गई है। इस तरह दस लाख रुपये का गबन किया गया है। सेक्रेटरी, प्रधान को चेताया है कि यदि 16 दिसंबर तक दस लाख रुपये निधि छह में जमा नहीं हुआ तो विभागीय कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत के कार्य संचालन के लिए तीन सदस्यीय प्रशासनिक समिति का गठन का प्रस्ताव डीएम को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के खाते को तत्काल प्रभाव से सीज भी कर दिया गया है।
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