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समाज को जोड़ना होता है भाषा, मजहब का उद्देश्य
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सोनभद्र। डीएवी पब्लिक स्कूूल राबर्ट्सगंज में शुक्रवार को उर्दू भाषा संवाद का आयोजन हुआ। इसमें बच्चों ने तरह-तरह के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उर्दू भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। अब तक यहां हिंदी, गुजराती, मणिपुरी, कोंकड़ी, बांग्ला, पंजाबी, बोडो, डोगरी, नेपाली आदि विभिन्न भाषाओं के संवाद हो चुके हैं।
भाषा दिनाधिकारी प्रवीण श्रीवास्तव ने उर्दू भाषा के इतिहास एवं महत्व के बारे में जानकारी दी। कक्षा नौ की छात्रा सना परवीन ने भी इस भाषा से संबंधित महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को साझा किया। छात्राओं ने उर्दू भाषा में गीत व नृत्य प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार ने कहा कि भारत देश विविधताओं का देश है। यहॉ विभिन्न प्रांतों में विभिन्न प्रकार के बोली, भाषा, खान-पान एवं विभिन्न प्रकार के वेष-भूषा वाले लोग रहते हैं, फिर भी सभी भारतीय कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि भाषा अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट माध्यम है। इसके द्वारा हम एक-दूसरे के करीब आ सकते हैं। किसी भी भाषा या मजहब का उद्देश्य समाज को तोड़ना नहीं बल्कि जोड़ना सिखाता है। इस अवसर पर हरिकेश यादव, प्रशांत पहाड़ी, मीना रानी, प्रवीण, मनोरंजन सहित विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
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भाषा दिनाधिकारी प्रवीण श्रीवास्तव ने उर्दू भाषा के इतिहास एवं महत्व के बारे में जानकारी दी। कक्षा नौ की छात्रा सना परवीन ने भी इस भाषा से संबंधित महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को साझा किया। छात्राओं ने उर्दू भाषा में गीत व नृत्य प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार ने कहा कि भारत देश विविधताओं का देश है। यहॉ विभिन्न प्रांतों में विभिन्न प्रकार के बोली, भाषा, खान-पान एवं विभिन्न प्रकार के वेष-भूषा वाले लोग रहते हैं, फिर भी सभी भारतीय कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि भाषा अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट माध्यम है। इसके द्वारा हम एक-दूसरे के करीब आ सकते हैं। किसी भी भाषा या मजहब का उद्देश्य समाज को तोड़ना नहीं बल्कि जोड़ना सिखाता है। इस अवसर पर हरिकेश यादव, प्रशांत पहाड़ी, मीना रानी, प्रवीण, मनोरंजन सहित विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
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