{"_id":"5be08701bdec225d4c0a9539","slug":"51541441281-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में पैदा न हो कोई भी कुपोषित बच्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में पैदा न हो कोई भी कुपोषित बच्चा
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम की समीक्षा सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम अमित कुमार सिंह ने मिशन के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इसमें मिशन के सफल संचालन पर जोर दिया। कहा, अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए जनता तक सरकार की योजना का लाभ पहुंचाएं।
बैठक में डीएम ने कहा कि मिशन के तहत ग्राम स्तर पर होने वाली बैठकों को सुचारू रूप से किया जाय। इसमें स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा संबंधित अधिकारी व कर्मचारी क्षेत्र में बैठक कर ग्रामीणों को राज्य पोषण मिशन के तहत चलायी जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए लोगों को जागरूक करें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के लिए शासन से दी जा रही सुविधाओं का चार्ट बनाने का निर्देश भी दिया। चेताया कि जिले में कोई भी बच्चा कुपोषित पैदा न होने पायें। नीति आयोग द्वारा पोषण मिशन पर बल देते हुए कहा कि मातृत्व वंदना योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं देने के लिए व कुपोषण को समाप्त करने के लिए स्कूलों, गांवों में जन आंदोलन का रूप देकर कार्य किया जाय। कार्यशाला में प्रोजेक्टर के जरिए बच्चों की देखभाल व गर्भवती महिलाओं के आंकड़ों व उनके खान-पान व्यवस्था की मुकम्मल जानकारी दी गयी। यहां सीडीओ सुनील कुमार वर्मा, डीपीओ अजीत कुमार सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, डिप्टी सीएमओ, पिरामल फाउण्डेशन के पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में डीएम ने कहा कि मिशन के तहत ग्राम स्तर पर होने वाली बैठकों को सुचारू रूप से किया जाय। इसमें स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा संबंधित अधिकारी व कर्मचारी क्षेत्र में बैठक कर ग्रामीणों को राज्य पोषण मिशन के तहत चलायी जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए लोगों को जागरूक करें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के लिए शासन से दी जा रही सुविधाओं का चार्ट बनाने का निर्देश भी दिया। चेताया कि जिले में कोई भी बच्चा कुपोषित पैदा न होने पायें। नीति आयोग द्वारा पोषण मिशन पर बल देते हुए कहा कि मातृत्व वंदना योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाएं देने के लिए व कुपोषण को समाप्त करने के लिए स्कूलों, गांवों में जन आंदोलन का रूप देकर कार्य किया जाय। कार्यशाला में प्रोजेक्टर के जरिए बच्चों की देखभाल व गर्भवती महिलाओं के आंकड़ों व उनके खान-पान व्यवस्था की मुकम्मल जानकारी दी गयी। यहां सीडीओ सुनील कुमार वर्मा, डीपीओ अजीत कुमार सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, डिप्टी सीएमओ, पिरामल फाउण्डेशन के पदाधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन