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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   5 elephants camp in Kodar Nakthu forest

कोडार नक्टू के जंगल में 15 हाथियों ने डाला डेरा

Sun, 30 Aug 2020 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2020 10:57 PM IST
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5 elephants camp in Kodar Nakthu forest
बभनी। जनपद से सटे सीमावर्ती गांवों में हाथियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के भय से रात में नींद नहीं आ रही है,। हाथियों को खदेड़ने के लिए तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और यूपी के वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगे हुए हैं। शनिवार की रात में हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश न कर सकें, इसके लिए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को लेकर मशाल जलाकर रातभर पहरा देते रहे।
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विगत दस दिनों से छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया से आये 15 हाथियों का झुंड रघुनाथ नगर छत्तीसगढ़ के चरचरी, घटाकुड बभनी गांवों में तथा बभनी रेंज के नवाटोला गांव में मिलाकर दर्जनों किसानों के घरों को ढहा दिया। अब हाथियों का झुंड तरहां वन रेंज के नक्टू,नेमना और कोडार के जंगल में विचरण कर रहे हैं। शुक्रवार की रात में कोडार गांव के दो किसानों का हाथियों ने घर ढहा दिया। वहीं फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने हाथियों को खदेड़ा तो शनिवार की रात में सिरसोती होते हुए फ़िर से कोडार के जंगल में घुस गए। जंगल घना होने की वजह से हाथियों को भगाने में दिक्कत हो रही है। शनिवार की रात में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने मशाल जलाकर रातभर हाथियों को गांव में आने से रोकने का काम किया है।
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वन क्षेत्राधिकारी जरहां जहीर मिर्जा ने बताया कि हाथी छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया में रहते हैं। सेंचुरी एरिया से हाथियों के निकलने के कई कारण हैं। जैसे हाथियों में दुराव हो जाता है खाने की समस्या हो जाती है इसके वजह से हाथी निकल जाते हैं। सेंचुरी एरिया से निकलने का इनका कोई निश्चित समय नहीं होता है। यह कभी भी आ सकते हैं।य ह भी होता है कि जिस रास्ते से हाथियों का आना हुआ होता है उसी रास्ते से आते हैं। इनसे बचाव के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है। कहा कि महुआ का फूल, शराब दूर रखें उसकी महक से भी हाथी पहुंचते हैं। हाथियों से छेड़खानी न करें हमेशा समूह में रहें घर के आस-पास अलाव जलाकर रखें इससे हाथी दूर भागते हैं।
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हाथियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश न कर सके इसके लिए मशाल जलाकर रातभर निगरानी की जा रही है।
पंकज कुमार सिंह
डिप्टी रेंजर
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