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तीन सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि, एक को सेवा समाप्ति की नोटिस
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:55 PM IST
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सोनभद्र। जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने ओडीएफ कार्य में रुचि न लेने वाले तीन सचिवों को प्रतिकूल टिप्पणी दी गई। जबकि आठ ग्राम पंचायतों के निधि प्रथम के खाते को सीज कर दिया। यहां के ग्राम प्रधानों को त्रिस्तरीय समिति के गठन के लिए नोटिस जारी किया है। खराब कार्य करने वाले छह ग्राम पंचायतों के बस्ते जांच के लिए तलब किये गए हैं। एक सेक्रेटरी को सेवा समाप्ति की नोटिस दी गई है। यह कार्रवाई सोमवार की शाम डीएम की समीक्षा बैठक के बाद की गई है।
सोमवार की शाम डीएम ने ओडीएफ कार्य की समीक्षा बैठक में प्रत्येक ब्लॉक से ओडीएफ में रुचि न लेने वाले दो-दो ग्राम प्रधान, सचिव को तलब किया था। उन्होंने समीक्षा में पाया कि शौचालय का निर्माण कार्य धीमा है। शौचालय अधूरे बनाकर छोड़ दिए गए हैं। इस पर डीएम ने आठ ग्राम पंचायत के खातों के आहरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। चेताया था कि जब तक यह ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त नहीं हो जातीं ,तब तक निधि प्रथम के खातों पर रोक लगी रहेगी। उन्होंने चतरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत चितविश्राव, लेडुवा, म्योरपुर के अनजानी, नधिरा, बभनी के रंदह, दुद्धी के जामपानी, तुर्रीडीह और घोरावल ब्लॉक के किंगरी की स्थिति काफी खराब मिली। इस पर यहां तैनात सचिव अमरेंद्र प्रियदर्शी, उमेश चंद, प्रमोद कुमार को प्रतिकूल टिप्पणी दी गई। डीपीआरओ आरके भारती ने बताया कि घोरावल ब्लॉक में तैनात सचिव शिवम सिंह के कार्य में घोर लापरवाही के नाते उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही सेवा समाप्ति की नोटिस भी दी गई। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम ने सोमवार को हुई बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया है कि 15 अगस्त तक जिले को ओडीएफ घोषित करना है। जो ग्राम प्रधान इसमें रुचि नहीं लेंगे, उनके खाते सीज कर वहां त्रिस्तरीय समिति गठित की जाएगी और सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार की शाम डीएम ने ओडीएफ कार्य की समीक्षा बैठक में प्रत्येक ब्लॉक से ओडीएफ में रुचि न लेने वाले दो-दो ग्राम प्रधान, सचिव को तलब किया था। उन्होंने समीक्षा में पाया कि शौचालय का निर्माण कार्य धीमा है। शौचालय अधूरे बनाकर छोड़ दिए गए हैं। इस पर डीएम ने आठ ग्राम पंचायत के खातों के आहरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। चेताया था कि जब तक यह ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त नहीं हो जातीं ,तब तक निधि प्रथम के खातों पर रोक लगी रहेगी। उन्होंने चतरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत चितविश्राव, लेडुवा, म्योरपुर के अनजानी, नधिरा, बभनी के रंदह, दुद्धी के जामपानी, तुर्रीडीह और घोरावल ब्लॉक के किंगरी की स्थिति काफी खराब मिली। इस पर यहां तैनात सचिव अमरेंद्र प्रियदर्शी, उमेश चंद, प्रमोद कुमार को प्रतिकूल टिप्पणी दी गई। डीपीआरओ आरके भारती ने बताया कि घोरावल ब्लॉक में तैनात सचिव शिवम सिंह के कार्य में घोर लापरवाही के नाते उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही सेवा समाप्ति की नोटिस भी दी गई। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम ने सोमवार को हुई बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया है कि 15 अगस्त तक जिले को ओडीएफ घोषित करना है। जो ग्राम प्रधान इसमें रुचि नहीं लेंगे, उनके खाते सीज कर वहां त्रिस्तरीय समिति गठित की जाएगी और सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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