{"_id":"5af1e1864f1c1b61098b8a38","slug":"41525801350-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"43 डिग्री के साथ ओपीडी एक हजार के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
43 डिग्री के साथ ओपीडी एक हजार के पार
Updated Tue, 08 May 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। मई के दूसरे सप्ताह में ही भीषण गर्मी और धूप से लोग परेशान हो गए हैं। मौसमी बीमारियों ने पांव पसार लिया है। जिला अस्पताल में आम दिनों की करीब चार से पांच सौ तक की ओपीडी अब करीब एक हजार तक पहुंच गई है। सर्दी, जुकाम के साथ ही डायरिया, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
तापमान बढ़ने से दिन में आसमान से जैसे आग बरस रही है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। सन स्ट्रोल से बच्चों से लेकर बड़े तक प्रभावित हो रहे हैं। खास कर चिलचिलाती धूप में विद्यालयों से लौटने वाले बच्चे धूप के शिकार हो रहे हैं। वहीं रात का मच्छरों के प्रकोप बढ़ गया है, जिससे लोग मलेरिया, टायफायड से पीड़ित हो रहे। भीषण गर्मी में खान-पान में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को अस्पताल पहुंचा दे रही है। हालात यही रहे तो सरकारी अस्पतालों के अतिरिक्त निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग जा रही है। जिला अस्पताल में किसी-किसी दिन सभी बेड फुल हो जा रहे हैं। ओपीडी में इलाज कराने के लिए मरीज पूरे दिन आ रहे हैं। निजी चिकित्सालयों का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
नियमित अंतराल पर पीते रहे पानी
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. पीबी गौतम का कहना है कि ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ कर हजार पहुंच चुकी है। गर्मी में खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए। दूषित पेयजल के उपयोग से बचना चाहिए। बाजार में बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थों का सेवन किसी हाल में नहीं करना चाहिए। रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। यदि उल्टी-दस्त शुरू हो तो तत्काल नीबू, चीनी व नमक का घोल बनाकर सेवन करें। फिर भी स्थिति न सुधरे तो तत्काल चिकित्सक के पास जाएं। धूप में निकलने से पहले अपने शरीर को अच्छी तरह से ढककर ही बाहर निकलें।
विज्ञापन
विज्ञापन
तापमान बढ़ने से दिन में आसमान से जैसे आग बरस रही है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। सन स्ट्रोल से बच्चों से लेकर बड़े तक प्रभावित हो रहे हैं। खास कर चिलचिलाती धूप में विद्यालयों से लौटने वाले बच्चे धूप के शिकार हो रहे हैं। वहीं रात का मच्छरों के प्रकोप बढ़ गया है, जिससे लोग मलेरिया, टायफायड से पीड़ित हो रहे। भीषण गर्मी में खान-पान में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को अस्पताल पहुंचा दे रही है। हालात यही रहे तो सरकारी अस्पतालों के अतिरिक्त निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग जा रही है। जिला अस्पताल में किसी-किसी दिन सभी बेड फुल हो जा रहे हैं। ओपीडी में इलाज कराने के लिए मरीज पूरे दिन आ रहे हैं। निजी चिकित्सालयों का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
विज्ञापन
नियमित अंतराल पर पीते रहे पानी
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. पीबी गौतम का कहना है कि ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ कर हजार पहुंच चुकी है। गर्मी में खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए। दूषित पेयजल के उपयोग से बचना चाहिए। बाजार में बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थों का सेवन किसी हाल में नहीं करना चाहिए। रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। यदि उल्टी-दस्त शुरू हो तो तत्काल नीबू, चीनी व नमक का घोल बनाकर सेवन करें। फिर भी स्थिति न सुधरे तो तत्काल चिकित्सक के पास जाएं। धूप में निकलने से पहले अपने शरीर को अच्छी तरह से ढककर ही बाहर निकलें।
विज्ञापन