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शोपीस बना बर्न यूनिट और प्लास्टिक सर्जरी अस्पताल
Updated Thu, 21 Sep 2017 11:47 PM IST
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सोनभद्र। जिला अस्पताल परिसर मेें करीब एक करोड़ 50 लाख की लागत से बर्न यूनिट और प्लास्टिक सर्जरी का भवन बनकर तैयार है। लेकिन अभी तक उपकरण के अभाव रोगियों का इलाज शुरू नहीं हुआ है। जबकि शासन ने उपकरण के लिए करीब 70 लाख 89 हजार रुपये स्वीकृत करते हुए पहली किश्त 35 लाख 44 हजार रुपये जारी कर दिया है। लेकिन निदेशक भण्डार के स्तर से उपकरणों/मशीन, साज-सज्जा सामग्री क्रय नहीं हुआ है।
बताते चले कि जिला अस्पताल परिसर में यूपीपीसीएल कार्यदायी संस्था ने लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी का भवन बनाया है। कार्यदायी संस्था ने अगस्त,2015 मेें दोनों बिल्डिंग स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर भी कर चुकी है। बावजूद इसके उपकरणों, साज/सज्जा सामग्री के अभाव में अभी तक बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी अस्पताल शुरू नहीं हो सका है। जबकि 17 मार्च 2016 को अवधेश कुमार पांडेय विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने जिले के डीएम, सीएमओ/सीएमएस समेत अन्य अधिकारियों को प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न यूनिट शुरू करने के लिए 70 लाख नवासी हजार छह: सौ रुपये की वित्तीय स्वीकृत देने व पहली किश्त 35 लाख 44 हजार आठ सौ रुपये जारी किए जाने के संबंध में पत्र भेजा है। उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि निदेशक भण्डार के स्तर पर उपकरणों/मशीन, साज-सज्जा सामग्री की व्यवस्था किया जाना है। इसमें सीएमओ और सीएमएस का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। धन जारी होने के करीब 18 माह गुजरने के बाद भी प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न यूनिट के लिए उपकरणों, साज/सज्जा सामग्री का क्रय नहीं हो सका है। इस संबंध में सीएमएस डा. पीबी गौतम का कहना है कि शासनादेश के तहत निदेशक भण्डार स्तर से उपकरणों, साज/सज्जा सामग्री का क्रय करने की प्रक्रिया जारी है। मशीन एवं उपकरण मिलते ही बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी अस्पताल शुरू हो जाएगा। ताकि रोगियों को उपचार कराने के लिए अन्यत्र न जाना पड़ें।
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बताते चले कि जिला अस्पताल परिसर में यूपीपीसीएल कार्यदायी संस्था ने लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी का भवन बनाया है। कार्यदायी संस्था ने अगस्त,2015 मेें दोनों बिल्डिंग स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर भी कर चुकी है। बावजूद इसके उपकरणों, साज/सज्जा सामग्री के अभाव में अभी तक बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी अस्पताल शुरू नहीं हो सका है। जबकि 17 मार्च 2016 को अवधेश कुमार पांडेय विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने जिले के डीएम, सीएमओ/सीएमएस समेत अन्य अधिकारियों को प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न यूनिट शुरू करने के लिए 70 लाख नवासी हजार छह: सौ रुपये की वित्तीय स्वीकृत देने व पहली किश्त 35 लाख 44 हजार आठ सौ रुपये जारी किए जाने के संबंध में पत्र भेजा है। उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि निदेशक भण्डार के स्तर पर उपकरणों/मशीन, साज-सज्जा सामग्री की व्यवस्था किया जाना है। इसमें सीएमओ और सीएमएस का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। धन जारी होने के करीब 18 माह गुजरने के बाद भी प्लास्टिक सर्जरी एवं बर्न यूनिट के लिए उपकरणों, साज/सज्जा सामग्री का क्रय नहीं हो सका है। इस संबंध में सीएमएस डा. पीबी गौतम का कहना है कि शासनादेश के तहत निदेशक भण्डार स्तर से उपकरणों, साज/सज्जा सामग्री का क्रय करने की प्रक्रिया जारी है। मशीन एवं उपकरण मिलते ही बर्न यूनिट एवं प्लास्टिक सर्जरी अस्पताल शुरू हो जाएगा। ताकि रोगियों को उपचार कराने के लिए अन्यत्र न जाना पड़ें।
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