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स्मार्ट क्लास के लिए 38 उच्च प्राथमिक विद्यालय चयनित
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सोनभद्र। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने जिले में स्मार्ट क्लास के लिए 38 विद्यालयों का चयन किया है। सोमवार को निदेशालय ने इसकी सूची जारी की है। इन विद्यालयों में टैबलेट, प्रोजेक्टर आदि के जरिये पठन पाठन होगा। इनमें ई-लाइब्रेरी की भी व्यवस्था होगी। प्रेरणा लक्ष्य, प्रेरणा मिशन के जरिये बच्चों की शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मार्च 2020 में बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ में सीएसआर कॉनक्लेव आयोजित किया था। उसमें तत्कालीन डीएम ने जिले में शिक्षा क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्य पर प्रेजेंटेशन दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 13 कॉरपोरेट के कंपनियों के साथ एमओयू भी हुआ था। इन कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में स्कूलों की दशा और दिशा सुधारने पर 114 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी थी। इस बजट से डिजिटल क्लास रूम, स्मार्ट क्लास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑनलाइन टीचर ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाना है। इसी क्रम में प्रदेश स्तर से जिले के 38 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सीएसआर के जरिए स्मार्ट क्लास संचालन करने के लिए चयनित किया गया है। सरकार डिजिटल शिक्षा के महत्व को मद्देनजर रखते हुए न केवल अवस्थापना उपलब्ध करवा रही है, बल्कि कक्षावार और विषयवार शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण करवा रही है। दीक्षा पोर्टल के जरिये छात्र को शिक्षाप्रद वीडियो दिखाकर उनके ज्ञान को बढ़ावा देंगे। यूपी सरकार ने प्रदेश मुक्त शैक्षणिक संसाधन पोर्टल का निर्माण पूर्ण करवा लिया है। इसमें तीन हजार से अधिक शैक्षणिक वीडियो का संग्रह किया जा चुका है। इस पोर्टल का इस्तेमाल इन स्मार्ट क्लास में शिक्षक अपने शिक्षण को प्रभावशाली बनाने में कर सकते हैं। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि निदेशालय से 38 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाने का निर्देश मिला है। इन विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित कर संचालित किया जाएगा।
जिला खनिज निधि से 20 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हुई थी शुरू
शिक्षा में आईसीटी के इस्तेमाल और उसके महत्व को स्वीकार करने वाले बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने 2018 में तत्कालीन डीएम के समक्ष परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना का प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया था। उनके निर्देश पर जिला खनिज न्यास मद से जिले के 20 विद्यालयों पर स्मार्ट क्लास स्थापित किया गया था। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक विद्यालय पटवध प्रथम से किया था। आईसीटी से शिक्षा के नाते जिले के पांच शिक्षक राज्य स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं।
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100 विद्यालयों में उपलब्ध कराया जा चुका है टैबलेट
जिले के 100 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गैर सरकारी संस्था हैसलफ्रे ने टैबलेट उपलब्ध करवाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त टैबलेट के जरिये शिक्षण के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। 29 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लैपटॉप सीएसआर मद से दिया गया है। सीएसआर मद से जिले के 50 परिषदीय विद्यालयों में इंटरेक्टिव स्मार्ट बोर्ड स्थापित कर आईसीटी से शिक्षा देने के लिए सक्षम किया जा चुका है।
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मार्च 2020 में बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ में सीएसआर कॉनक्लेव आयोजित किया था। उसमें तत्कालीन डीएम ने जिले में शिक्षा क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्य पर प्रेजेंटेशन दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 13 कॉरपोरेट के कंपनियों के साथ एमओयू भी हुआ था। इन कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में स्कूलों की दशा और दिशा सुधारने पर 114 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी थी। इस बजट से डिजिटल क्लास रूम, स्मार्ट क्लास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑनलाइन टीचर ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाना है। इसी क्रम में प्रदेश स्तर से जिले के 38 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सीएसआर के जरिए स्मार्ट क्लास संचालन करने के लिए चयनित किया गया है। सरकार डिजिटल शिक्षा के महत्व को मद्देनजर रखते हुए न केवल अवस्थापना उपलब्ध करवा रही है, बल्कि कक्षावार और विषयवार शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण करवा रही है। दीक्षा पोर्टल के जरिये छात्र को शिक्षाप्रद वीडियो दिखाकर उनके ज्ञान को बढ़ावा देंगे। यूपी सरकार ने प्रदेश मुक्त शैक्षणिक संसाधन पोर्टल का निर्माण पूर्ण करवा लिया है। इसमें तीन हजार से अधिक शैक्षणिक वीडियो का संग्रह किया जा चुका है। इस पोर्टल का इस्तेमाल इन स्मार्ट क्लास में शिक्षक अपने शिक्षण को प्रभावशाली बनाने में कर सकते हैं। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि निदेशालय से 38 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाने का निर्देश मिला है। इन विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित कर संचालित किया जाएगा।
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जिला खनिज निधि से 20 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हुई थी शुरू
शिक्षा में आईसीटी के इस्तेमाल और उसके महत्व को स्वीकार करने वाले बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने 2018 में तत्कालीन डीएम के समक्ष परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना का प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया था। उनके निर्देश पर जिला खनिज न्यास मद से जिले के 20 विद्यालयों पर स्मार्ट क्लास स्थापित किया गया था। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक विद्यालय पटवध प्रथम से किया था। आईसीटी से शिक्षा के नाते जिले के पांच शिक्षक राज्य स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं।
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100 विद्यालयों में उपलब्ध कराया जा चुका है टैबलेट
जिले के 100 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गैर सरकारी संस्था हैसलफ्रे ने टैबलेट उपलब्ध करवाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त टैबलेट के जरिये शिक्षण के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। 29 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लैपटॉप सीएसआर मद से दिया गया है। सीएसआर मद से जिले के 50 परिषदीय विद्यालयों में इंटरेक्टिव स्मार्ट बोर्ड स्थापित कर आईसीटी से शिक्षा देने के लिए सक्षम किया जा चुका है।