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फात में झलक दिखा कर फिर गुल हुई बिजली
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:52 PM IST
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बीजपुर। नधिरा सब स्टेशन से बखरिहवां फीडर को दी जाने वाली बिजली का फाल्ट ठीक होने का नाम नहीं ले रहा । चार दिन से 20 गांव अंधेरे में हैं । मंगलवार की रात 12 बजे बिजली आई, लेकिन रात में ही कब चली गई किसी को पता ही नहीं चला। उपभोक्ताओं ने जानकारी की तो पता चला फिर ब्रेकडाउन हो गया है। महीने में 25 दिन ब्रेकडाउन में बिजली बंद होने के बावजूद 30 दिन का बिल भेजे जाने से लोगों में आक्रोश है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बकरिहवां फीडर से जुड़े करीब 20 गांव के उपभोक्ताओं को माह में महज चार-पांच दिन ही बिजली मिल रही है। उपभोक्ताओं के घरों में मीटर नहीं लगाया गया है पूरे माह का बिजली बिल वसूला जा रहा है। जर्जर उपकरण व तार के सहारे बिजली आपूर्ति किए जाने से आए दिन ब्रेकडाउन हो रहा है। इस संबंध में अवर अभियंता अनूज कुमार बर्मा ने कहा कि ब्रेकडाउन स्थल को खोजने के लिए दिन ही नहीं रात में भी पेट्रोलिंग की जा रही है। कानोरिया केमिकल परियोजना के पीछे से गुजरी लाइन के फाल्ट को ठीक करने में तीन दिन लग गए। बरसात के कारण ब्रेकडाउन दूर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि जब तक पुराने उपकरण बदले नहीं जाते विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं हो सकता। उप खण्ड अधिकारी चंद्रशेखर का कहना है कि जर्जर उपकरण व तारों को बदलने के लिए स्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि बकरिहवां फीडर से जुड़े करीब 20 गांव के उपभोक्ताओं को माह में महज चार-पांच दिन ही बिजली मिल रही है। उपभोक्ताओं के घरों में मीटर नहीं लगाया गया है पूरे माह का बिजली बिल वसूला जा रहा है। जर्जर उपकरण व तार के सहारे बिजली आपूर्ति किए जाने से आए दिन ब्रेकडाउन हो रहा है। इस संबंध में अवर अभियंता अनूज कुमार बर्मा ने कहा कि ब्रेकडाउन स्थल को खोजने के लिए दिन ही नहीं रात में भी पेट्रोलिंग की जा रही है। कानोरिया केमिकल परियोजना के पीछे से गुजरी लाइन के फाल्ट को ठीक करने में तीन दिन लग गए। बरसात के कारण ब्रेकडाउन दूर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि जब तक पुराने उपकरण बदले नहीं जाते विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं हो सकता। उप खण्ड अधिकारी चंद्रशेखर का कहना है कि जर्जर उपकरण व तारों को बदलने के लिए स्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
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