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बारिश से गिरी सहकारी समिति भवन की छत
Updated Tue, 31 Jul 2018 11:44 PM IST
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सोनभद्र। चोपन ब्लॉक रामगढ़ गांव में मंगलवार की दोपहर किसान सहकारी समिति के भवन की छत धराशायी हो गई। हालांकि इससे कोई क्षति नहीं हुई है। क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश से छत के गिरने की पहले से ही लोगों को आशंका थी। यहां तैनात सचिव ने भवन और छत के जर्जर होने की जानकारी पूर्व में ही उच्चाधिकारियों को दे दी थी।
क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे पुराने और जर्जर भवनों के धराशायी होने की आशंका बढ़ गई है। मंगलवार को दोपहर बाद करीब एक बजे रामगढ़ में स्थित किसान सहकारी समिति केंद्र भवन की छत अचानक भरभरा कर गिर गई। यह संयोग था कि मौके पर कोई नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सचिव उदय कुमार ने बताया कि इस केंद्र के जर्जर होने की जानकारी कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से दी जा चुकी है। लेकिन किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यदि भवन की मरम्मत करा दी गई होती तो छत नहीं गिरती। बता दें कि कोन में भी किसान सहकारी केंद व पंचायत भवन पुराना बना हुआ है और जर्जर है। मरम्मत कराकर उससे काम लिया जा रहा है। इसमें रखे खाद बीज भी बारिश के मौसम में भीग जाते हैं लेकिन इन पर भी अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने कोन सहकारी समिति और पंचायत भवन के नव निर्माण करने की मांग डीएम से की है।
क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे पुराने और जर्जर भवनों के धराशायी होने की आशंका बढ़ गई है। मंगलवार को दोपहर बाद करीब एक बजे रामगढ़ में स्थित किसान सहकारी समिति केंद्र भवन की छत अचानक भरभरा कर गिर गई। यह संयोग था कि मौके पर कोई नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सचिव उदय कुमार ने बताया कि इस केंद्र के जर्जर होने की जानकारी कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से दी जा चुकी है। लेकिन किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यदि भवन की मरम्मत करा दी गई होती तो छत नहीं गिरती। बता दें कि कोन में भी किसान सहकारी केंद व पंचायत भवन पुराना बना हुआ है और जर्जर है। मरम्मत कराकर उससे काम लिया जा रहा है। इसमें रखे खाद बीज भी बारिश के मौसम में भीग जाते हैं लेकिन इन पर भी अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने कोन सहकारी समिति और पंचायत भवन के नव निर्माण करने की मांग डीएम से की है।
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