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टैंकरों के जरिए शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:21 PM IST
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राष्ट्रीय हरित न्यायाधीकरण(एनजीटी) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के मुताबिक औद्योगिक इकाईयां ग्राउंड वाटर जल प्रदूषण क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति दो दिनों के अंदर शुरू करना सुनिश्चित करें। उक्त निर्देश डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में एनजीटी द्वारा गठित सुपरवाईजरी कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
डीएम ने कहा कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ें रिहायशी इलाकों के जिन गांवों के ग्राउंड वाटर प्रदूषित हो गए हैं, उन गांवों, मुहल्लों, टोलों एवं मजरों में टैंकरों के माध्यम से पीने का साफ पानी की आपूर्ति करें। कहा कि औद्योगिक इकाईयों द्वारा कई गांवों में आरओ प्लांट स्थापित कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, परन्तु एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जहां पर ग्राउंड वाटर प्रदूषित है, को शुद्ध करने की क्षमता आरओ प्लांट में न मानते हुए शुद्ध पेयजल टैंकरों एवं पाइप लाईन के जरिए करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एनजीटी के निर्देशानुसार शुद्ध पेयजल एवं अन्य स्थानीय व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराने के लिए सुपरवाईजरी कमेटी की हर माह में बैठक होगी। बैठक में सौंपें गए कामों को औद्योगिक इकाईयों द्वारा सामाजिक नैगमिक दायित्व/सीएसआर एवं सिंगरौली एक्शन प्लान्ट और पर्यावरण संरक्षण के संबंध में करना ही होगा। उन्होंने कहा कि जो औद्योगिक इकाईयों एनजीटी के निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन नही करेंगी, उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही का भी अधिकार एनजीटी द्वारा सुपरवाईजरी कमेटी को प्रदान किया गया है। सुपरवाईजरी कमेटी की पहली बैठक में एसपी आरपी सिंह, प्रशिक्षु आईएएस अतुल वत्स, अंकुर लाठर, एडीएम उमाकान्त त्रिपाठी, क्षेत्रीय अधिकारशी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,सोनभद्र एसबीज फ्रैन्कलिंग, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने कहा कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ें रिहायशी इलाकों के जिन गांवों के ग्राउंड वाटर प्रदूषित हो गए हैं, उन गांवों, मुहल्लों, टोलों एवं मजरों में टैंकरों के माध्यम से पीने का साफ पानी की आपूर्ति करें। कहा कि औद्योगिक इकाईयों द्वारा कई गांवों में आरओ प्लांट स्थापित कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, परन्तु एनजीटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जहां पर ग्राउंड वाटर प्रदूषित है, को शुद्ध करने की क्षमता आरओ प्लांट में न मानते हुए शुद्ध पेयजल टैंकरों एवं पाइप लाईन के जरिए करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एनजीटी के निर्देशानुसार शुद्ध पेयजल एवं अन्य स्थानीय व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराने के लिए सुपरवाईजरी कमेटी की हर माह में बैठक होगी। बैठक में सौंपें गए कामों को औद्योगिक इकाईयों द्वारा सामाजिक नैगमिक दायित्व/सीएसआर एवं सिंगरौली एक्शन प्लान्ट और पर्यावरण संरक्षण के संबंध में करना ही होगा। उन्होंने कहा कि जो औद्योगिक इकाईयों एनजीटी के निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन नही करेंगी, उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही का भी अधिकार एनजीटी द्वारा सुपरवाईजरी कमेटी को प्रदान किया गया है। सुपरवाईजरी कमेटी की पहली बैठक में एसपी आरपी सिंह, प्रशिक्षु आईएएस अतुल वत्स, अंकुर लाठर, एडीएम उमाकान्त त्रिपाठी, क्षेत्रीय अधिकारशी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,सोनभद्र एसबीज फ्रैन्कलिंग, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह, बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल आदि मौजूद रहे।
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