फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   260 mm rain in 24 hours, gates of all dams opened

Sonebhadra News: 24 घंटे में 260 एमएम बारिश, बांधों के गेट खोले गए

Tue, 17 Sep 2024 11:31 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2024 11:31 PM IST
विज्ञापन
260 mm rain in 24 hours, gates of all dams opened
चौबीस घंटे तक लगातार बारिश से जिले में चारो तरफ जलभराव की स्थिति बन गई है। रिहंद और ओबरा बांध में जलस्तर उच्चतम स्तर को पार कर गया है। करीब 20 दिनों बाद फिर से दोनों बांध के गेट खोल दिए गए हैं।
विज्ञापन

सोमवार को दोपहर बाद बंद धंधरौल बांध के भी 22 गेट खोलकर पानी घाघर नदी व नहर में निकाला जाता रहा। उधर, नगवां बांध के 11 में से नौ फाटक खुलने से कर्मनाशा नदी में उफान आ गया है। यह पानी सीधे चंदौली जिले के तटवर्ती इलाकों को प्रभावित करेगा।
विज्ञापन

भारी बारिश से वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर उरमौरा में दो फीट तक पानी चलता रहा। ग्रामीण सड़कों के कई जगह पानी में डूबने से आवागमन ठप रहा।
सोमवार की रात करीब आठ बजे से शुरू हुआ बारिश का क्रम मंगलवार को पूरे दिन जारी रहा। चौबीस घंटे में पूरे जिले में 260 एमएम (औसत 64 एमएम) से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसमें सबसे ज्यादा 95 एमएम बारिश दुद्धी तहसील क्षेत्र में हुई, जबकि रॉबर्ट्गंज में भी 82 एमएम से अधिक बारिश हुई है। ओबरा में 48 और घोरावल में 35 एमएम हुई बरसात से रहवासी इलाकों में पानी घुस गया।
इससे पहले 23 अगस्त को 188 एमएम और औसतन 47 एमएम बारिश हुई थी। उधर, पिछले तीन दिन में 470 एमएम बारिश दर्ज की गई जो औसतन 157 एमएम है।
रॉबर्ट्सगंज नगर में सर्विस लेन पर दिन भर पानी चलता रहा। मेन चौक से धर्मशाला चौक, उत्तर मोहाल, नई बस्ती अंबेडकरनगर, चंडी होटल सहित अन्य इलाकों की सड़क पानी में डूबी रही।
उरमौरा में इमरती कॉलोनी के पास वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे के दोनों लेन पर दो फीट से अधिक पानी चलने से आवागमन प्रभावित रहा। बरसात की हालत ऐसी रही कि अधिकांश लोगों को घरों से बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला।
नगवां बांध के कैचमेंट एरिया में बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के पहाड़ी नालों से लगातार पानी आने से मंगलवार की सुबह बांध के नौ गेट खोल दिए गए। इससे 30 हजार क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा गया।
नगवां बांध के भरने से मांची थाने को जाने वाले मार्ग पर स्थित भैसहिया व पुरानपानी रपटा पर छह फीट पानी आ गया। इससे थाने से संपर्क टूट गया। वहीं सिलहट बांध को सात फीट ओवरफ्लो कर पानी कर्मनाशा नदी गिरता रहा।
धंधरौल बांध से 22 गेट खोलकर 15 हजार क्यूसेक पानी निकाला गया, जबकि 1000 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए नहर में छोड़ा गया। बीजपुर:
रेणुकूट-बीजपुर मार्ग पर अजीरेश्वर मंदिर के पास बने रपटे के ऊपर पानी बहने से एमपी, छत्तीसगढ़ की ओर आवागमन बाधित हुआ।
रास्ता बंद होने से श्रमिक ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। रास्ते में जगह-जगह पेड़ गिरने से भी दिक्कत आई। वैनी: सीएचसी परिसर में फार्मासिस्ट आवास पर विशाल पेड़ गिर गया। सभी परिवार बाल-बाल बच गए। दुबेपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र में पानी भर जाने से बिजली 36 घंटे से अधिक समय से बाधित रही।
दुद्धी:
छत्तीसगढ़ में तेज बारिश से कनहर बांध उफान पर है। कनहर की सहायक लौआ व ठेमा नदी में भी बाढ़ आ गई है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए अमवार के फील्ड हॉस्टल में बने बाढ़ नियंत्रण कक्ष से छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज, खुरी, त्रिशूली कनहर नदी और यूपी के पांगन नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
कोन:
कोन कस्बा व थाना रोड पूरी तरह से पानी में डूब गया। कई घरों में पानी घुस गया। पांडू नदी में उफान से भगडूघाटी पांडू नदी पुलिया के तीन फीट ऊपर से पानी बहता रहा। इससे कोन-खरौधी होते हुए झारखंड जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया।

रिहंद और ओबरा बांध ने पार किया उच्चतम स्तर, 20 दिन बाद फिर खुले गेट
लगातार तेज बरसात के चलते पिपरी स्थित रिहंद बांध ने मंगलवार को उच्चतम जलस्तर का आंकड़ा पार कर लिया। देर शाम बांध का जलस्तर 871.2 फीट तक पहुंच गया। कुछ देर के लिए एक गेट खोला गया, मगर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बंद कर दिया। बाद में 871.4 फीट जलस्तर होने पर रात में तीन गेट खोलने की तैयारी रही। बांध पर आधारित 300 मेगावाट की पनबिजली इकाइयों को भी पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है।
पिछले माह 29 अगस्त को रिहंद का जलस्तर 870 फीट पहुंचने पर बारी-बारी से सात गेट खोले गए थे। बारिश थमने के बाद जलस्तर 868.2 फीट पर चला गया था। पिछले दो दिनों में हुई तेज बारिश से बांध का जलस्तर फिर 871.2 के अधिकतम जलस्तर को पार कर गया।
रिहंद के एक्सईएन शशिकांत राय ने बताया कि दोपहर में रिहंद का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। जल विद्युत की सभी इकाइयों को पूर्ण क्षमता से चलाया जा रहा है। पड़ोसी राज्यों से रिहंद में तेजी से पानी आ रहा है।
उधर, रिहंद से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण ओबरा बांध का जलस्तर भी अधिकतम 193.24 मीटर को मंगलवार की देर शाम पार कर गया। इससे पहले बांध के पांच फाटक सुबह ही खोल दिए गए थे।

बांध के जेई विनोद कुमार ने बताया कि गेट नंबर सात, आठ, नौ को 10-10 फीट और गेट नंबर छह व दस को 5-5 फीट तक खोलकर 45 हजार क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सुबह 6.15 बजे से गेट खुलना शुरू हुआ और बांध का जल स्तर सामान्य बनाने के लिए एक घंटे के अंदर ओबरा बांध के पांच गेट खोलने पड़े। जल स्तर नीचे लाने के लिए बांध पर बने जल विद्युत की 33 मेगावाट मेगावाट क्षमता की तीनों इकाइयों को पूरी क्षमता के साथ चलाकर 87 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed