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ठंड में उत्पादन में कटौती से बिगड़ जा रहे हालात
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:53 PM IST
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अनपरा (सोनभद्र)। जाड़े में बिजली की मांग बढ़ गई है लेकिन कोहरे के कारण पारेषण लाइनों में आ रही खराबी के कारण उत्पादन निगम को बिजली उत्पादन घटाना पड़ रहा है। जिसकी वजह से कई स्थानों खासकर गांवों में आपात कटौती या फिर अधिक मूल्य पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। प्रदेश की बिजली परियोजनाओं से बीच-बीच में उत्पादन लड़खड़ा जा रहा है। इंजीनियर इसे ठंड में आम बात होना बता रहे हैं। उनका कहना है कि जाड़े के कारण पारेषण लाइनों में खराबी के कारण उत्पादन घटना पड़ता है।
उत्पादन निगम की प्रदेश की चार परियोजनाओं से शुक्रवार को करीब 489 मेगावाट बिजली उत्पादन को कम (थर्मल बैकिंग) करना पड़ा। इसकी मुख्य वजह पारेषण लाइनों में खराबी बताई जा रही है। इसके पहले गुरुवार की शाम पारेषण लाइन में दिक्कत आने पर 175 मेगावाट बिजली उत्पादन घटना पड़ा था। 175 मेगावाट से 489 मेगावाट थर्मल बैकिंग पहुंचने से उत्पादन निगम के माथे पर बल गया है। थर्मल बैकिंग के साथ ही परियोजनाओं में तकनीकी खराबी के कारण भी उत्पादन लुढ़क जा रहा है। अनपरा तापीय परियोजना में मामूली तकनीकी खराबी के कारण शुक्रवार को करीब 225 मेगावाट बिजली उत्पादन घट गया। परियोजना प्रशासन के मुताबिक गुरुवार को अनपरा की चालू यूनिटों से 1955 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह उत्पादन लुढ़क कर 1638 मेगावाट पर आ गया। विद्युत उत्पादन कम होने से बीच-बीच में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में आपात कटौती भी करनी पड़ रही है। कटौती को कम करने के लिए उत्पादन निगम को महंगी बिजली भी खरीदनी पड़ रही है। हालांकि शुक्रवार की शाम चार बजे स्थिति में सुधार होने से परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस समय तक अनपरा से 1957, ओबरा से 512, पारीछा से 483, हरदुआगंज से 496 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। सबसे राहत की बात यह रही कि 489 मेगावाट तक पहुंचा थर्मल बैकिंग भी घटकर 175 मेगावाट पर आ गया। इन परियोजनाओं से शाम छह बजे कुल 3448 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।
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उत्पादन निगम की प्रदेश की चार परियोजनाओं से शुक्रवार को करीब 489 मेगावाट बिजली उत्पादन को कम (थर्मल बैकिंग) करना पड़ा। इसकी मुख्य वजह पारेषण लाइनों में खराबी बताई जा रही है। इसके पहले गुरुवार की शाम पारेषण लाइन में दिक्कत आने पर 175 मेगावाट बिजली उत्पादन घटना पड़ा था। 175 मेगावाट से 489 मेगावाट थर्मल बैकिंग पहुंचने से उत्पादन निगम के माथे पर बल गया है। थर्मल बैकिंग के साथ ही परियोजनाओं में तकनीकी खराबी के कारण भी उत्पादन लुढ़क जा रहा है। अनपरा तापीय परियोजना में मामूली तकनीकी खराबी के कारण शुक्रवार को करीब 225 मेगावाट बिजली उत्पादन घट गया। परियोजना प्रशासन के मुताबिक गुरुवार को अनपरा की चालू यूनिटों से 1955 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह उत्पादन लुढ़क कर 1638 मेगावाट पर आ गया। विद्युत उत्पादन कम होने से बीच-बीच में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में आपात कटौती भी करनी पड़ रही है। कटौती को कम करने के लिए उत्पादन निगम को महंगी बिजली भी खरीदनी पड़ रही है। हालांकि शुक्रवार की शाम चार बजे स्थिति में सुधार होने से परियोजना प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस समय तक अनपरा से 1957, ओबरा से 512, पारीछा से 483, हरदुआगंज से 496 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था। सबसे राहत की बात यह रही कि 489 मेगावाट तक पहुंचा थर्मल बैकिंग भी घटकर 175 मेगावाट पर आ गया। इन परियोजनाओं से शाम छह बजे कुल 3448 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।
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