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ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी से 11 लाख रिकवरी का आदेश, खाता सीज
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:10 PM IST
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सोनभद्र। जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने घोरावल ब्लॉक के करकोली ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी से 11 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश दिया है। डीपीआरओ ने जांच में पाया कि यहां 150 शौचालयों के निर्माण के लिए 18 लाख रुपये निकाल लिये गए लेकिन महज 20 शौचालय पूर्ण हैं और 78 शौचालय अपूर्ण हैं। चेताया है कि 27 नवंबर तक धन जमा नहीं हुआ तो यहां त्रिस्तरीय समिति गठन का प्रस्ताव डीएम को भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्राम प्रधान के खाते को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया है।
डीपीआरओ ने बताया कि करकोली में बन रहे शौचालयों में अनियमितता की शिकायत की जांच की गई। जांच में एडीओ पंचायत घोरावल राम उदय यादव, सदर अजय सिंह, डीपीसी अनिल कुमार केशरी, किरन सिंह, खंड प्रेरक आनंद गुप्ता की उपस्थिति में हुई जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत में 150 शौचालयों के निर्माण की धनराशि 18 लाख रुपये अवमुक्त की गई। इसकी तुलना में मौके पर महज 20 शौचालय पूर्ण हैं औैर 78 शौचालय पूरी तरह से अपूर्ण हैं। अपूर्ण शौचालयों की स्थिति यह हैै कि लेस मात्र के कार्य शौचालयों में कराए गए हैं। जबकि खाते से 18 लाख रुपये पूरा निकाल लिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि जो शौचालयों का निर्माण पूर्ण है उस पर कुल 2.40 लाख रुपये व्यय किया गया है। शेष अधूरे शौचालयों को देखने से लग रहा है कि इन पर छह हजार से अधिक व्यय नहीं किया गया है। यदि अपूर्ण शौचालयों को छह हजार रुपये की दर से माना जाय तो कुल करीब चार लाख 60 हजार रुपये ही खर्च होने का अनुमान है। इस तरह शौचालय निर्माण पर सिर्फ सात लाख रुपये ही खर्च किया गया है। शेष 11 लाख रुपये का गबन कर लिया गया है। बताया कि एडीओ पंचायत राम उदय यादव ने ग्राम प्रधान का खाता सीज कर दिया है।
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डीपीआरओ ने बताया कि करकोली में बन रहे शौचालयों में अनियमितता की शिकायत की जांच की गई। जांच में एडीओ पंचायत घोरावल राम उदय यादव, सदर अजय सिंह, डीपीसी अनिल कुमार केशरी, किरन सिंह, खंड प्रेरक आनंद गुप्ता की उपस्थिति में हुई जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत में 150 शौचालयों के निर्माण की धनराशि 18 लाख रुपये अवमुक्त की गई। इसकी तुलना में मौके पर महज 20 शौचालय पूर्ण हैं औैर 78 शौचालय पूरी तरह से अपूर्ण हैं। अपूर्ण शौचालयों की स्थिति यह हैै कि लेस मात्र के कार्य शौचालयों में कराए गए हैं। जबकि खाते से 18 लाख रुपये पूरा निकाल लिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि जो शौचालयों का निर्माण पूर्ण है उस पर कुल 2.40 लाख रुपये व्यय किया गया है। शेष अधूरे शौचालयों को देखने से लग रहा है कि इन पर छह हजार से अधिक व्यय नहीं किया गया है। यदि अपूर्ण शौचालयों को छह हजार रुपये की दर से माना जाय तो कुल करीब चार लाख 60 हजार रुपये ही खर्च होने का अनुमान है। इस तरह शौचालय निर्माण पर सिर्फ सात लाख रुपये ही खर्च किया गया है। शेष 11 लाख रुपये का गबन कर लिया गया है। बताया कि एडीओ पंचायत राम उदय यादव ने ग्राम प्रधान का खाता सीज कर दिया है।
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