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Sonebhadra News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कैद
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सोनभद्र। साढ़े तीन साल पहले किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने महिला समेत दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दुष्कर्म करने वाले युवक पर 21 हजार, जबकि साजिश रचने वाली महिला पर 41 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि महिला के दुष्प्रेरण से यह घटना हुई, लिहाजा वह अधिक सजा की हकदार है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक रायपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 31 जनवरी 2022 को रायपुर थाने में तहरीर दी थी। इसमें अवगत कराया था कि उसकी बेटी (13) को 30 जनवरी की दोपहर दो बजे सहपुरवा गांव की एक महिला ने साजिश के तहत खेत पर बने अपने मकान में भेज दिया। वहां पहले से मौजूद रामेश्वर ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। घटना के वक्त वह घर पर नहीं था। शाम करीब छह बजे जब आया तो पुत्री ने आपबीती बताई। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 10 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दुष्कर्म के दोषी रामेश्वर को 20 वर्ष की कठोर कैद और 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं दुष्कर्म में सहयोग करने की दोषी महिला को 20 वर्ष की कठोर कैद व 41 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक रायपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 31 जनवरी 2022 को रायपुर थाने में तहरीर दी थी। इसमें अवगत कराया था कि उसकी बेटी (13) को 30 जनवरी की दोपहर दो बजे सहपुरवा गांव की एक महिला ने साजिश के तहत खेत पर बने अपने मकान में भेज दिया। वहां पहले से मौजूद रामेश्वर ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। घटना के वक्त वह घर पर नहीं था। शाम करीब छह बजे जब आया तो पुत्री ने आपबीती बताई। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 10 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दुष्कर्म के दोषी रामेश्वर को 20 वर्ष की कठोर कैद और 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं दुष्कर्म में सहयोग करने की दोषी महिला को 20 वर्ष की कठोर कैद व 41 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे।
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