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विस्थापन पैकेज न मिलने पर विस्थापितों में असंतोष
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:04 AM IST
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कनहर सिंचाई परियोजना डूब क्षेत्र के विस्थापितों की बैठक रविवार की दोपहर सुंदरी गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में हुई। इसमें करीब सात माह से विस्थापितों को विस्थापन पैकेज न मिलने पर नाराजगी जताई गई। आरोप लगाया कि प्रशासन न तो विस्थापितों की समस्याओं का निदान कर रहा है और न ही विस्थापन पैकेज दे रहा है।
कहा गया कि करीब दो वर्ष पूर्व प्रपत्र छह व 11 की सूची के संबंधित आवेदन विस्थापितों ने जमा किया था। शासनादेश के मुताबित कुछ छूटे विस्थापितों ने विस्थापत सूची में नाम जोड़ने का आवेदन किया था। लेकिन इस पर प्रशासन ने अब तक कोई निर्णय नही लिया। यदि कोई मांग की जाती है तो उन्हें मुकदमे की धमकी मिलती है। छह फरवरी को विस्थापितों ने अपनी समस्याओं के बारे में तहसील दिवस में एक शिकायती पत्र दिया था और 90 दिनों में समस्याओं के निदान की मांग की थी।
लेकिन 60 दिन बीतने के बाद भी इन समस्याओं को गंभीरता से नही लिया गया। विस्थापितों ने कहा कि पुनर्वास कालोनी में मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएं और सुंदरी व कोरची गांव के कुछ टोलों को डूब क्षेत्र में शामिल किया जाए। बैठक में इदरीस अंसारी, पंकज गौतम, पिंटू, राजेश कुमार, विश्वनाथ प्रजापति, मुमताज, जमुना, नसीम, याकूब, बाबूलाल, इमरान, नुरूलएन मौजूद रहे।
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कहा गया कि करीब दो वर्ष पूर्व प्रपत्र छह व 11 की सूची के संबंधित आवेदन विस्थापितों ने जमा किया था। शासनादेश के मुताबित कुछ छूटे विस्थापितों ने विस्थापत सूची में नाम जोड़ने का आवेदन किया था। लेकिन इस पर प्रशासन ने अब तक कोई निर्णय नही लिया। यदि कोई मांग की जाती है तो उन्हें मुकदमे की धमकी मिलती है। छह फरवरी को विस्थापितों ने अपनी समस्याओं के बारे में तहसील दिवस में एक शिकायती पत्र दिया था और 90 दिनों में समस्याओं के निदान की मांग की थी।
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लेकिन 60 दिन बीतने के बाद भी इन समस्याओं को गंभीरता से नही लिया गया। विस्थापितों ने कहा कि पुनर्वास कालोनी में मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएं और सुंदरी व कोरची गांव के कुछ टोलों को डूब क्षेत्र में शामिल किया जाए। बैठक में इदरीस अंसारी, पंकज गौतम, पिंटू, राजेश कुमार, विश्वनाथ प्रजापति, मुमताज, जमुना, नसीम, याकूब, बाबूलाल, इमरान, नुरूलएन मौजूद रहे।
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